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UP: विक्रांत और राखी हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, सामने आईं हत्या की ये तीन वजह

Sat, 02 May 2026 04:43 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

सहारनपुर में चर्चित विक्रांत और राखी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और संपत्ति विवाद के चलते पहले विक्रांत और फिर राखी की हत्या की गई।

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राखी का फाइल फोटो, विक्रांत हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बहुचर्चित डूडाकर्मी विक्रांत और राखी हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी भाजपा नेता सुधारस चौहान और उसके साथी कपिल चौहान को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। दोनों हत्याकांड ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और संपत्ति विवाद के चलते अंजाम दिए गए। पहले सुधारस चौहान ने राखी के साथ मिलकर डूडाकर्मी विक्रांत की हत्या की। इसके बाद राज खुलने के डर से दूसरे साथी के साथ मिलकर भाजपा नेता ने राखी को मौत के घाट उतार दिया।

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वारदात के खुलासा करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अभिनंदन सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बताया कि 28 अप्रैल को थाना मिर्जापुर क्षेत्र के रजापुर नौगांवा के रजबहे में युवती का शव मिला था, जिसकी पहचान बागपत निवासी राखी कश्यप के रूप में हुई। इससे पहले 17 अप्रैल को बड़गांव थाना क्षेत्र के हसनपुर लोटनी गांव के पास नहर में डूडाकर्मी विक्रांत का शव मिला था। जांच के बाद पुलिस ने बागपत निवासी भाजपा नेता सुधारस चौहान और कपिल चौहान को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आया कि राखी के विक्रांत और सुधारस दोनों के साथ संबंध थे। राखी और विक्रांत के बीच मथुरा के एक प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था। राखी ने सुधारस की भी फ्लैट पर आपत्तिजनक वीडियो बना ली थी, जिसे वायरल करने की धमकी देकर करीब 25 लाख रुपये वसूल लिए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुधारस को राखी ने लालच दिया कि अगर वह विक्रांत की हत्या में सहयोग करेगा तो वीडियो नष्ट कर देगी।

यह भी पढ़ें: UP: प्रेमिका ने मारी थी विक्रांत को पहली गोली, BJP नेता ने कूंचा सिर; 10 दिन बाद इसलिए सुधारस ने राखी को भी मार डाला

वारदात के खुलासा करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
इस तरह की थी विक्रांत की हत्या
एसएसपी के अनुसार, 15 अप्रैल को योजनाबद्ध तरीके से विक्रांत को राखी के फ्लैट पर बुलाया गया। वहां पर प्लाट के विषय में बातचीत को लेकर उनका विवाद बढ़ गया। विक्रांत ने प्लाट को अपने नाम से हस्तांतरित करने स मना कर दिया। इसके बाद सुधारस और राखी ने अपनी-अपनी लाइसेंसी पिस्टल से विक्रांत की गोली मारकर हत्या कर दी।

एक गोली जांघ और दो गोली सीने में मारी गई। हत्याकांड के बाद शव को फ्लैट में बंद कर वहां से चले गए। दूसरे दिन यानी 16 अप्रैल को राखी और सुधारस ने विक्रांत के शव को कपड़ों में लपेटकर अपनी कार में रखा और बड़गांव थाना क्षेत्र में नहर में लाकर फेंक दिया। फिर दोनों घर चले गए। 24 अप्रैल को विक्रांत के परिजनों ने बागपत कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
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राखी का फाइल फोटो, विक्रांत हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
इसीलिए उतारा राखी को मौत के घाट
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि विक्रांत की गुमशुदगी के मामले में शक के आधार पर बागपत पुलिस ने राखी से पूछताछ की थी और बाद में छोड़ दिया था। इसके बाद राखी ने सुधारस को धमकी दी थी कि यदि पुलिस ने उसे ज्यादा परेशान किया तो वह विक्रांत की हत्या का राज खोल देगी।

विक्रांत की हत्या का राज खुलने के डर से सुधारस ने बागपत निवासी कपिल चौहान के साथ मिलकर राखी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के तहत राखी को कपिल की कार में लेकर पार्टी के बहाने सहारनपुर पहुंचे।

नौगांवा के पास एक फार्म हाउस पर पहले पार्टी की। उसमें तीनों ने शराब पी और फिर राखी पर हथौड़े और चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को छिपाने के लिए बिस्तर एवं कपड़ों में लपेटकर रस्सी में बांधा और रजबहे में फेंक दिया।

यह किया बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त 32 बोर पिस्टल, चाकू, हथौड़ा, खून से सनी टीशर्ट, दोनों कार (नेक्सॉन और अल्ट्रोज) और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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