फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: बोगस फर्मों से 8.62 करोड़ की कर चोरी, चार गिरफ्तार, एमबीए पास गैंग का सरगना-मेरठ का सीए भी शामिल

Fri, 24 Apr 2026 11:11 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

जीएसटी चोरी के एक बड़े मामले में पुलिस ने बोगस फर्मों के जरिए 8.62 करोड़ रुपये की कर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। मेरठ के एमबीए पास सरगना और एक सीए समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

विज्ञापन
कर चोरी की जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जीएसटी चोरी के एक बड़े गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम व कोतवाली पुलिस ने बोगस फर्मों से 8.62 करोड़ की कर चोरी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मेरठ के निवासी इन आरोपियों में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) भी शामिल है। ये अपराधी फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट पास ऑन करने का खेल रहे थे। पूछताछ के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से चारों को इटावा जेल भेज दिया गया। 

विज्ञापन


एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि मामले की शुरुआत 23 फरवरी 2026 को हुई। तब राज्य कर अधिकारी औरैया विजय शंकर दीक्षित ने मून इंटरप्राइजेज, खानपुर के खिलाफ जीएसटी चोरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच में पाया गया कि यह फर्म सिर्फ कागजों पर थी और घोषित पते पर अस्तित्व में नहीं मिली। पुलिस जांच में जब कड़ियां जोड़ीं तो वह आरोपियों तक पहुंच गई।

यह भी पढ़ें: Terror Link: दादा रहे स्वतंत्रता सेनानी, आतंकी गतिविधि में पकड़ा गया पोता, 8वीं के बाद तुषार ने छोड़ी थी पढ़ाई

विज्ञापन

दसवीं पास इमरान जुटाता था कागजात
पुलिस ने मेरठ के थाना नौचंदी के शास्त्रीनगर निवासी मोहम्मद अतहर, थाना लिसाड़ी गेट तारापुरी रोड निवासी सीए शाह आलम, थाना सिविल लाइंस के मोहनपुरी निवासी विशाल और थाना किठौर के गांव महलवाला निवासी मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार किया।

गिरोह ने मून इंटरप्राइजेज और चमन ट्रेडर्स हापुड़ के नाम की बोगस कंपनियां बनाकर करोड़ों के फर्जी बिल दिखाए थे। इसमें मून इंटरप्राइजेज के माध्यम से कुल 2.87 करोड़ रुपये की टैक्सेबल वैल्यू के फर्जी बिल काटे गए। वहीं चमन ट्रेडर्स के माध्यम से 5.75 करोड़ की टैक्सेबल वैल्यू के फर्जी बिलों का लेनदेन पाया गया।
 

ऐसे शुरू हुआ खेल
एसपी ने बताया कि मोहम्मद अतहर गिरोह का मुख्य संचालक, जिसने मून इंटरप्राइजेज का एक्सेस खरीदकर खेल शुरू किया। शाह आलम व उसका सहायक विशाल अकाउंटेंसी का पूरा काम देखते थे और फर्जी बिल तैयार करते थे। इमरान फर्जी दस्तावेज जुटाकर नई बोगस फर्में तैयार करवाता था।

आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बिना किसी वास्तविक माल की सप्लाई के केवल कागजों पर लेनदेन दिखाकर अवैध आर्थिक लाभ कमा रहे थे। एसआईटी अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह तार किन शहरों से जुड़े हैं।
विज्ञापन

एमबीए डिग्री धारक है बोगस फर्मों से जीएसटी चोरी गैंग का सरगना 
 बोगस फर्मों से कर चोरी करने के मामले में पकड़ा गया सरगना मोहम्मद अतहर एमबीए डिग्री धारक है। वहीं उसके साथ इस पूरे फर्जीवाड़े में पकड़े गए अन्य आरोपी भी पढ़े लिखे हैं। यही कारण है कि बड़ी सफाई से उन्होंने करोड़ों की कर चोरी अंजाम दी। मोहम्मद अतहर ने ही सीए शाह आलम के साथ मिलकर बोगस फर्मों से कर चोरी का षड्यंत्र रचा।

इसके लिए शाह आलम ने अपने साथ एलएलबी के छात्र विशाल को भी साथ लिया था। बस इसके बाद ही फर्जी फर्में बनाकर और कर चोरी का सिलसिला शुरू कर दिया। मोहम्मद इमरान केवल 10वीं पास है। ऐसे में उसे फर्जी कागजात जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह फर्जी कागजात जुटाकर सीए शाह आलम को देता था। इसके बाद वह उन कागजों से बोगस फर्म बनाता था। बीते करीब चार वर्ष से ये पूरा सिंडिकेट चला रहे थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें