दसवीं पास इमरान जुटाता था कागजात
पुलिस ने मेरठ के थाना नौचंदी के शास्त्रीनगर निवासी मोहम्मद अतहर, थाना लिसाड़ी गेट तारापुरी रोड निवासी सीए शाह आलम, थाना सिविल लाइंस के मोहनपुरी निवासी विशाल और थाना किठौर के गांव महलवाला निवासी मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार किया।
गिरोह ने मून इंटरप्राइजेज और चमन ट्रेडर्स हापुड़ के नाम की बोगस कंपनियां बनाकर करोड़ों के फर्जी बिल दिखाए थे। इसमें मून इंटरप्राइजेज के माध्यम से कुल 2.87 करोड़ रुपये की टैक्सेबल वैल्यू के फर्जी बिल काटे गए। वहीं चमन ट्रेडर्स के माध्यम से 5.75 करोड़ की टैक्सेबल वैल्यू के फर्जी बिलों का लेनदेन पाया गया।
एमबीए डिग्री धारक है बोगस फर्मों से जीएसटी चोरी गैंग का सरगना
बोगस फर्मों से कर चोरी करने के मामले में पकड़ा गया सरगना मोहम्मद अतहर एमबीए डिग्री धारक है। वहीं उसके साथ इस पूरे फर्जीवाड़े में पकड़े गए अन्य आरोपी भी पढ़े लिखे हैं। यही कारण है कि बड़ी सफाई से उन्होंने करोड़ों की कर चोरी अंजाम दी। मोहम्मद अतहर ने ही सीए शाह आलम के साथ मिलकर बोगस फर्मों से कर चोरी का षड्यंत्र रचा।
इसके लिए शाह आलम ने अपने साथ एलएलबी के छात्र विशाल को भी साथ लिया था। बस इसके बाद ही फर्जी फर्में बनाकर और कर चोरी का सिलसिला शुरू कर दिया। मोहम्मद इमरान केवल 10वीं पास है। ऐसे में उसे फर्जी कागजात जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह फर्जी कागजात जुटाकर सीए शाह आलम को देता था। इसके बाद वह उन कागजों से बोगस फर्म बनाता था। बीते करीब चार वर्ष से ये पूरा सिंडिकेट चला रहे थे।