गंगा एक्सप्रेसवे को उप्र के विकास की धुरी के रूप में देखा जा रहा है। मेरठ ही नहीं बल्कि यूपी के कई शहरों में गंगा एक्सप्रेसवे किनारे के औद्योगिक गलियारा आकार लेने जा रहा है। आने वाले समय में मेरठ समेत पूरा यूपी देश - विदेशी के उद्योगों का हब होगा। डीएम डॉ. वीके सिंह और सीडीओ ने नुपूर गोयल ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर मंथन किया। डीएम ने बताया कि लोकार्पण समारोह में 5000 से अधिक लोग जुटेंगे।
इंटरचेंज की सफाई, टोल का हुआ ट्रायल
मेरठ के बिजौली में मेरठ-हापुड़ सड़क पर बनाए गए गंगा एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज की सफाई की जा रही है। खड़खड़ी में बनाए गए टोल प्लाजा का ट्रायल भी हो चुका है।
गंगा एक्सप्रेसवे की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे 12 जिलों के 52 थाने
मेरठ से बलिया तक बनाए गए गंगा एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और निर्बाध आवागमन की जिम्मेदारी इस रूट पर पड़ने वाले 12 जिलों के 52 थानों के जिम्मे रहेगी। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल को एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने से तीन दिन पहले तक यातायात संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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एडीजी द्वारा एक्सप्रेसवे के रास्ते पर पड़ने वाले मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वह जिले के यूपी 112 के प्रभारी से समन्वय कर संबंधित थानों में संचालित होने वाली पीआरवी के लिए पूर्व से चिन्हित रूट में गंगा एक्सप्रेस-वे को भी शामिल करें। एक्सप्रेसवे पर निर्मित टोल प्लाजा पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोटेशन के मुताबिक पुलिस प्रबंध किया जाए।
सीओ, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के दृष्टिगत लगातार भ्रमणशील रहते हुए पेट्रालिंग करेंगे तथा एक्सप्रेसवे को अवरोध मुक्त रखेंगे। उद्घाटन से पूर्व एक्सप्रेसवे पर अस्थाई रूप से आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित रखेंगें, जिससे किसी प्रकार की कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न होने पाए। नोडल अधिकारी जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं एवं उनमें होने वाली मृत्यु दर को न्यूनतम किए जाने के संबंध में डीजीपी द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक कार्यवाही कराएं।
भविष्य में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अतिविशिष्ट एवं विशिष्ट महानुभावों का आवागमन इसी एक्सप्रेसवे से होना संभावित है, लिहाजा उनकी सुरक्षा के लिए स्कॉर्ट, पायलट आदि की व्यवस्था की जाए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एक्सप्रेसवे के निकट स्थित फायर स्टेशन, थाने, चौकी पर फायर टेंडर की व्यवस्था करेंगे और एक्सप्रेसवे पर अग्निकांड की घटना की संभावना के दृष्टिगत मार्ग का अध्ययन कर शीघ्र सहायता उपलब्ध कराए जाने के लिए रूट मैपिंग कर लेगें।