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UP: 12 हजार करोड़ का एक्सप्रेसवे, तीन माह में मांग गया मरम्मत, NHAI की जांच में सामने आई निगरानी में ढिलाई

Sat, 04 Jul 2026 10:26 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के मामले में एनएचएआई की जांच में निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था में खामियां सामने आई हैं। दो अधिकारियों को निलंबित, एक को डिबार और तीन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने का मामला अब केवल बारिश तक सीमित नहीं रह गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की जांच में निर्माण गुणवत्ता, निगरानी और जल निकासी व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई हैं। कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित, एक अधिकारी को डिबार और तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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जांच में सामने आईं निर्माण और निगरानी की खामियां
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पैकेज-2 में किलोमीटर 55+480 पर एक जुलाई को हुई बारिश के बाद सड़क की ढलान धंस गई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की बागपत इकाई ने जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कि संबंधित स्थान पर बारिश के पानी की निकासी के लिए बैलेंसिंग कलवर्ट बनाया गया था, लेकिन उसे स्थायी जल निकासी व्यवस्था से नहीं जोड़ा गया। इसके अलावा स्थानीय विरोध के कारण सड़क के नीचे बनी पानी निकासी नाली का उपयोग वाहनों के आवागमन के लिए होता रहा, जिससे जल निकासी व्यवस्था अधूरी रह गई।
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रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता परीक्षण, समय पर रिपोर्टिंग और निर्माण एजेंसी से सुधारात्मक कार्य कराने जैसी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया गया।

दो अधिकारी निलंबित, एक डिबार, तीन को नोटिस
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बागपत के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह की ओर से 2 जुलाई को जारी नोटिस के अनुसार, इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी के टीम लीडर कुलदीप कुमार राजदान और निर्माण कंपनी के परियोजना प्रबंधक नागेंद्र पाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसके अलावा सहायक राजमार्ग अभियंता आलोक कुमार को डिबार किया गया है। वहीं कंसल्टेंसी परियोजना प्रबंधक अजय कुमार, वरिष्ठ अभियंता गुणवत्ता राजेंद्र कुमार और परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कंसल्टेंसी एजेंसी को सात दिन के भीतर कुलदीप कुमार राजदान के स्थान पर नए टीम लीडर का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण कंपनी को पूरे पैकेज-2 का निरीक्षण कर बारिश से प्रभावित सभी स्थानों की मरम्मत अपने खर्च पर कराने और उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है।

तीन दिन में जवाब नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माण एजेंसी एम/एस कृष्णा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर भुगतान रोकने, आर्थिक दंड लगाने, डिबार करने और भविष्य की परियोजनाओं से बाहर करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
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सोशल मीडिया पर उठे सवाल, दस हजार से अधिक शिकायतें
एक्सप्रेसवे धंसने का मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, देहरादून, दिल्ली समेत अन्य स्थानों के 10 हजार से अधिक लोगों ने विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर शिकायतें दर्ज कराई हैं।

शामली निवासी मोहित ने लिखा कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए गए होते तो यह स्थिति नहीं बनती। वहीं रितिका ने केवल तीन लोगों पर कार्रवाई को पर्याप्त न बताते हुए जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की। समाजवादी पार्टी के कैराना लोकसभा प्रभारी प्रोफेसर सुधीर पंवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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