550 रुपये है एमएसटी का न्यूनतम चार्ज
रोडवेज ने स्मार्ट एमएसटी कार्ड के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ करार किया है। यात्री 550 रुपये देकर स्मार्ट एमएसटी कार्ड के लिए आवेदन करता है। इसमें 50 रुपये प्रोसेसिंग फीस है। 500 रुपये एडवांस किराया है। इसमें यात्री को 600 रुपये किराये का सफर करने का अवसर मिलता है। वहीं एमएसटी में 30 दिन की बजाय केवल 18 दिन का ही किराया लिया जाता है।
मेरठ रोडवेज रीजन की बात करें तो इसके पांच डिपो मेरठ, भैसाली, सोहराबगेट, गढ़मुक्तेश्वर और बड़ौत आदि में रोजाना करीब 150 स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदन आते हैं। 550 रुपये न्यूनतम चार्ज से विभाग के खाते में 82500 रुपये प्रतिदिन पहुंच जाता है। 60 दिन में यह राशि 49.50 लाख रुपये हो जाती है। इसके बाद ही यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर एमएसटी कार्ड जारी होता जाता है।
यात्रियों पर पड़ रही है दोतरफा मार
स्मार्ट एमएसटी कार्ड से किराये में 20 फीसदी की छूट मिलने के कारण दैनिक के साथ अन्य यात्री भी कार्ड बनवाने लगे हैं। लेकिन आवेदन के बाद उन्हें कार्ड मुहैया कराया जाता है। तब तक यात्रियों को पूरा किराया देकर ही बसों में सफर करना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं आवेदक
पल्लवपुरम निवासी समीर ने बताया कि उन्होंने करीब एक माह पहले कॉलेज जाने वाले बेटे के कार्ड के लिए आवेदन किया था। तब बताया था कि कार्ड लखनऊ से बनकर आता है। डेढ़ से दो माह का समय लगता है। ऐसे डिजिटल इंडिया का क्या फायदा जहां एडवांस पैसा देकर भी सुविधा का इंतजार करना पड़ता है।
रोहटा रोड निवासी आदित्य ने बताया कि उन्होंने डेढ़ माह पहले कार्ड के लिए आवेदन किया था। कार्ड नहीं मिलने पर भैसाली डिपो जाकर पता किया तो बताया कि वे कुछ नहीं जानते। वे तो आवेदन लेकर प्रक्रिया पूरी कर देते हैं।