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UP: 'ओलंपिक में गोल्ड न जीतने का अफसोस, खेलकर आगे बढ़ सकती हैं बेटियां' बागपत में मैरी कॉम ने बताई दिल की बात

Fri, 20 Mar 2026 03:46 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

Baghpat News: विश्व चैंपियन मुक्केबाज मैरी कॉम जनपद के मवीकलां गांव में आयोजित नन्हीं कली कार्यक्रम में पहुंचीं। उन्होंने बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वेस्ट प्लास्टिक से बनाई गुड़िया वितरित कीं।
 
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बागपत में बेटियों को दुलार करतीं मैरी कॉम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मवीकलां गांव के एक बैंक्वेट हॉल में बृहस्पतिवार को नन्हीं कली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर विश्व चैंपियन मुक्केबाज मैरी कॉम ने कहा कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल न मिलने का अफसोस जरूर रहेगा और बेटियां मेरी तरह खेलकर आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने बेटियों को आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही वेस्ट प्लास्टिक से बनी गुड़िया को बच्चों को वितरित किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व चैंपियन मैरी कॉम, पूर्व क्रिकेटर हितेश चौधरी व डीएम अस्मिता लाल ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मैरी कॉम ने कहा कि बॉक्सिंग में छह बार विश्व चैंपियन का खिताब मेरे नाम रहा है। मेरा सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का था, लेकिन कांस्य पदक पर ही अफसोस करना पड़ा। हमेशा से देश के लिए खेली और अब बेटियों को खेल के लिए जागरूक कर रही हैं। बेटियां मेरी तरह खेलकर देश के लिए पदक जीतकर नाम रोशन कर सकती हैं। 
 

कहा कि बेटियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि खेल में भी वह अपना भविष्य बना सकती हैं। मेहनत करने वाली बेटियां हमेशा कामयाब होती हैं और जीवन में कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। बताया कि बागपत में जल्द ही बॉक्सिंग एकेडमी खोलकर बेटियों को खेल में बढ़ावा दिया जाएगा।
 

कक्षा सात की छात्रा तनु व कक्षा आठ की साइमा ने मैरी कॉम से खेल और पढ़ाई के संतुलन, बड़े सपनों को साकार करने और सफलता के मूलमंत्र जैसे प्रश्न पूछे, जिनके उत्तर में उन्होंने दिये। डीएम अस्मिता लाल ने बेटियों को भविष्य बताते हुए समाज से सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया और नन्ही कली को बेटियों की प्रगति का प्रतीक बताया। 
 

पूर्व क्रिकेटर हितेश चौधरी ने कहा कि अब जिले की पहचान बेटियां बन रही हैं। नन्ही कली पर आधारित विशेष पुस्तिका का विमोचन और डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राएं, मिशन शक्ति पुलिस टीम, एथलीट्स, बॉक्सिंग व तीरंदाजी खिलाड़ी, माय भारत स्वयंसेवक शामिल रहे। कार्यक्रम में साक्षी, दिव्या, मीनाक्षी, एडीएम विनीत उपाध्याय, एसडीएम अमरचंद वर्मा, एसडीएम मनीष कुमार यादव, पूनम आदि मौजूद रहे।
 
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इस तरह से बनाई गई गुड़िया
यहां वेस्ट प्लास्टिक से पर्यावरण प्रदूषण नहीं होगा, बल्कि उससे गुड़िया बनाई गई, उन गुड़िया से खेलने के लिए बच्चों को दिया गया। ‘नन्ही कली’ गुड़िया की खासियत यह है कि इसे बनाने में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा गया है। गुड़िया के अंदर आमतौर पर रूई को भरा जाता है, लेकिन बागपत की इस देसी गुड़िया में वेस्ट प्लास्टिक बोतलों से बने रूई जैसे बारीक रेशों का इस्तेमाल होगा। प्लास्टिक बोतलों को बारीक फाइबर में बदलकर मुलायम कपास जैसी सामग्री बनाई जाती है और गुड़िया के अंदर भरा जाता है।

 
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