West UP Aaj Ka Mausam: मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, शामली समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में बृहस्पतिवार शाम के समय आंधी बारिश के कारण मौसम बदल गया। कई जगह पेड़ और खंभे गिर गए। वहीं लोगों के मोबाइल पर साइरन के साथ चेतावनी अलर्ट जारी किया जाता रहा।
मेरठ के मवाना क्षेत्र के गांव ततीना में बृहस्पतिवार तड़के करीब 3:30 बजे आए भीषण बवंडर ने भारी तबाही मचाई है। आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के साथ आए इस बवंडर ने न केवल किसानों की फसलों और पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचाया बल्कि विद्युत निगम को भी लाखों की चपत लगाई है। गनीमत रही कि बवंडर जंगल से होकर गुजरा जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
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झूला स्थल पर पानी भर गया।
- फोटो : अमर उजाला
बवंडर की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बाग में सो रहे रखवाले मुन्ना का फोल्डिंग पलंग हवा में उड़कर पेड़ पर जा लटका। मुन्ना ने बताया कि तेज आवाज सुनकर उसकी नींद खुली तो उसने बवंडर देखा और जान बचाने के लिए बाग में बने कमरे के अंदर शरण ली। लगभग आधा घंटे तक चले इस बवंडर के बाद क्षेत्र में ओले भी पड़े।
मुजफ्फरनगर में देर रात होती बारिश।
- फोटो : अमर उजाला
10 किसानों के खेतों और बागों में खड़े विभिन्न किस्म के 68 पेड़ जड़ से उखड़ गए। पेड़ गिरने के कारण धनपुर-तोफापुर मार्ग बाधित हो गया था, जिसे बाद में पेड़ों को हटाकर खुलवा दिया गया। बवंडर से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं ओलावृष्टि से चारे और गन्ने (ईख) की फसल भी बर्बाद हो गई है। प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है। एसडीएम ने लेखपाल को मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इन किसानों को हुआ नुकसान
इनमें वेदप्रकाश के 8 आम के पेड़, किरणपाल के 3 पेड़ और खेत की डोल, नरेंद्र का 1 पेड़ और खेत की डोल, सुभाष का 1 शीशम और 2 आम के पेड़, लालसिंह के 2 शीशम के पेड़, अक्कूवीर के 6 सागौन के पेड़, अचल सिंह के 6 आम के पेड़, सतीश व रजनीश के 10 आम, 2 कटहल, 18 यूकेलिप्टिस, 6 पॉपुलर के पेड़, अन्य रजनीश के 4 पेड़, जबकि राजबीर का 1 आम का पेड़ उखड़ा है।
विद्युत विभाग को 30 लाख से अधिक की चपत
बवंडर ने विद्युत ढांचे को तहस-नहस कर दिया है। सठला बिजलीघर को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। पूरे क्षेत्र में 95 हाईटेंशन बिजली के खंभे और 30 ट्रांसफार्मर धराशायी हो गए। फिटकरी, दुर्वेशपुर, ततीना और जंधेड़ी से गुजरने वाली 33 केवी लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है। आबादी वाले क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति सुचारू है लेकिन सठला, तोफापुर, नंगली व बना के कृषि फीडर बंद होने से ट्यूबवेलों की आपूर्ति ठप है। अधिशासी अभियंता सतीश चंद्र के अनुसार नुकसान का आकलन 30 लाख रुपये से अधिक है। सब कुछ दुरुस्त करने में कम से कम तीन दिन का समय लगेगा। एसडीओ रामजन्म सिंह के क्षेत्र में अकेले 60 से अधिक खंभे और 3 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
आंधी व बारिश के कारण मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में सैकड़ों पेड़ और खंभे उखड़कर गए। होर्डिंग और टिन शेड पर हवा में उड़ गईं।