वहीं शताब्दीनगर मेट्रो स्टेशन, परतापुर हवाई पट्टी का भी निरीक्षण करके व्यवस्थाएं देखीं। उधर जनसभा स्थल पर पीडब्लूडी और बिजली विभाग के ठेकेदारों ने काम शुरू कर दिया। 16 या 18 फरवरी को पीएम के कार्यक्रम की बात कही जा रही है, लेकिन प्रशासन की तरफ से पीएम के कार्यक्रम की तिथि स्पष्ट नहीं की जा रही है।
दिल्ली से मेरठ मोदीपुरम तक रैपिड के 82 किमी लंबा कॉरिडोर है। इसमें दिल्ली से मेरठ साउथ तक 55 किमी कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन जनता को पूर्व में सौंपी जा चुकी है, जिसका लाभ मेरठ, गाजियाबाद जनपद के लोग ले रहे हैं। मेरठ साउथ स्टेशन से मोदीपुरम तक 27 किमी कॉरिडोर पर पिछले छह माह से खाली मेट्रो और नमो भारत ट्रेन दौड़ रही है।
एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने उस समय नमो भारत और मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर की रिपोर्ट पीएमओ को सौंपने की बात कही थी। मेट्रो ट्रेन मेरठ की जनता को सौंपने की मांग स्थानीय लोगों के बीच ही नहीं, बल्कि संसद में भी उठ चुकी है। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने लोकसभा में मेट्रो संचालन का सवाल खड़ा करते हुए सरकार से जवाब मांगा था।
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक नमो भारत और मेट्रो ट्रेन जनता को सौंपने के लिए पीएमओ ने कदम बढ़ा दिया है। प्रशासन ने मोहिउद्दीनपुर में उसी स्थान को पीएम के कार्यक्रम के लिए संवारना शुरू किया है, जहां पर कुछ ही दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा हुई थी। बुधवार को जहां अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का दौरा किया। वहीं जेसीबी से स्थल को समतल करने का काम किया गया।
मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक मेट्रो में सफर कर सकते हैं मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ की जनता को मेट्रो ट्रेन सौंपने के साथ खुद भी मेट्रो में यात्रा कर सकते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे कॉरिडोर की जांच पड़ताल की जा रही है। पीएम मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। हालांकि जिला प्रशासन अभी उनके कार्यक्रम की तिथि को लेकर कुछ पुष्टि नहीं कर रहा है।