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यूपी: शराब माफिया का चक्रव्यूह तोड़ेगी पुलिस, इन रास्तों से यूपी के शहरों में पहुंच रही खेप 

Wed, 09 Jan 2019 04:14 PM IST
Dimple Sirohi रोहित अग्रवाल, अमर उजाला, मेरठ
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- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के शराब माफिया ने यूपी में प्रतिबंधित शराब की तस्करी अचानक बढ़ा दी है। मेरठ-करनाल हाईवे से ये शराब की खेप यूपी के शहरों में भेजी जा रही है। पिछले दो महीनों में ही पुलिस ने एक करोड़ से अधिक की लागत की करीब 70 हजार लीटर से ज्यादा शराब बरामद की है। पुलिस महकमे को आसार है कि लोकसभा चुनाव के लिए माफिया यूपी में शराब का स्टॉक जमा कर सकते हैं। लिहाजा पुलिस महकमा तस्करी पर नकेल कसने के लिए खास प्लानिंग तैयार की गई है।
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शामली जिले की सीमा हरियाणा के पानीपत और करनाल जिलों से सटी हैं। ऐसे में पंजाब और हरियाणा मार्का शराब को शामली के रास्ते ही यूपी के शहरों में उतारा जा रहा है। मेरठ-करनाल पानीपत खटीमा मार्ग के अलावा खादर के कच्चे रास्तों से भी ये शराब यूपी में पहुंच रही है। उधर, सोनीपत की तरफ से भी बागपत के रास्ते इस सप्लाई की सप्लाई होने की जानकारी पुलिस को मिल रही है।  

पुलिस को इसकी भनक लगी तो पिछले महीने ही झिंझाना पुलिस ने हाईवे पर प्लास्टिक के ड्रमों में भरकर लाई जा रही शराब पकड़ी गई।। इसके बाद गाडीवाले चौराहे पर भी पंजाब मार्का शराब की खेप बरामद हुई। रविवार को शहर में आदर्श मंडी पुलिस ने मेरठ-करनाल हाईवे से 10 हजार लीटर शराब पकड़ी गई।

एसपी अजय कुमार के अनुसार पिछले करीब दो महीने में 70 हजार लीटर के आसपास शराब पकड़ी गई है। कुछ रेक्टीफाइड भी बरामद हुआ है। इनकी कीमत एक करोड़ से अधिक है। इसके अलावा डोडा पोस्त भी बरामद हुआ है। पुलिस को आशंका लग रही है कि कहीं लोकसभा चुनाव के लिए यूपी के शहरों में तो  शराब की खेप जमा नहीं की जा रही है। लिहाजा जिला पुलिस ने इसके लिए खास प्लान बनाया है। 

माफिया ने डर से बदली प्लानिंग  
शामली पुलिस द्वारा शराब की धरपकड़ होने के बाद पंजाब के शराब माफिया ने अपनी प्लानिंग बदल ली है। इसका खुलासा रविवार को आदर्श मंडी पुलिस द्वारा शराब के साथ पकड़े गए आरोपियों ने किया। एसओ आदर्शमंडी कर्मवीर सिंह के अनुसार पंजाब के माफिया अब माल चलने से लेकर पहुंचने तक बीच बीच में कई जगह चालक और परिचालक बदल देते हैं।

जो चालक और शराब का ट्रक लेकर चलता है तो उसे कुछ किमी दूर जाकर बदल दिया जाता है। पहले से ही तय जगह पर दूसरा चालक क्लीनर पहुंचते ही तैयार मिलता है, जो आगे माल ले जाता है। ऐसे में स्टॉक उतरने तक कई लोग बदले जाते हैं। ये इसलिए करते हैं ताकि पकडे़ जाने की स्थिति में ये पता ना चले कि माल कहां से पकड़ा गया है। 
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डिपो से ही सेटिंग है माफिया की  
एसओ आदर्श मंडी के अनुसार रविवार को पकड़ी गई शराब की पैकिंग पर बैच नंबर और मैन्यूफैक्चिरंग डेट नहीं है। जबकि शराब ब्रांडेड है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि पंजाब के माफिया की डिपो में अंदर तक सेटिंग है। वहां से ही बिना बैच का माल तैयार होकर दो नंबर से बाहर निकलता है।  

लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में शराब तस्करी की बढ़ने की संभावना को देखते हुए खास प्लानिंग बनाई है। इसमें पुलिस ने अपना सूचना तंत्र मजबूत करने को 250 लोगों का ग्रुप बनाया है। इसमें पूरे जिले से लोग जुड़े हैं। ये पुलिस को अवैध शराब की सप्लाई आदि की सूचना देंगे। साथ ही कुछ लोग जागरूकता फैलाएंगे। हरियाणा से सटी चौकियों ओर कच्चे मार्गों पर नजरें और गश्त बढ़ा दी गई है। पंजाब और हरियाणा पुलिस से भी मदद लेंगे।  - अजय कुमार, एसपी।

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