शहर में पांच साल में 35 मुकदमे
सीओ दिनेश शुक्ला का कहना है कि एक जनवरी 2014 से लेकर 21 दिसंबर 2018 तक लिसाड़ीगेट और कोतवाली में 38 मामले गोवध अधिनियम के दर्ज हुए हैं। इन 38 मामलों में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद के 17 मामले दर्ज हुए हैं।
एक मुकदमे को छोड़कर सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। 25 लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर और 22 के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है। तीन गोतस्करों के खिलाफ रासुका भी लगाई गई। जो भी वांछित हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
देहात में 212 भेजे जेल
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि देहात क्षेत्र में 212 गोतस्करों की गिरफ्तारी कर जेल भेजा गया है। किठौर में सबसे अधिक 22 मामले दर्ज हुए, जबकि देहात के थानों में 87 मामले दर्ज हुए। 12 मामलों को छोड़कर सभी में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। 26 लोगों पर गुंडा एक्ट, 24 पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।
महिलाओं पर शिकंजा
लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में रफीक की पत्नी फरजान, शहजाद की पत्नी आशमा, वकील की पत्नी शहनाज, फईम, नदीम, इमरान की पत्नी भी गोकशी में आरोपी बनाई गई हैं। शादाब, इरफान, शहजाद की पत्नी और मां भी गोकशी में आरोपी बनाई गई हैं। बिल्लो, शगुफ्ता, चांदनी के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। देहात में किठौर, मुंडाली, भावनपुर में 14 परिवार की महिलाओं के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस दे रही दबिश
गोकशी की घटना रोकने के सख्त निर्देश दिए गये हैं। जो भी परिवार के लोग गोकशी में शामिल रहे हैं ऐसे लोगों पर पुलिस चिन्हित कर सख्त कार्रवाई कर रही है। फरार आरोपियों को लेकर लगातार पुलिस दबिश दे रही है।
-अखिलेश कुमार, एसएसपी
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