यूपी पुलिस सिपाही भर्ती में पकड़े गए मुन्नाभाई को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। भर्ती बोर्ड को भी पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी गई है। इस मामले में भर्ती बोर्ड ने परीक्षा सेंटर वाराणसी के लिए भी जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं सॉल्वर गैंग की तलाश में यूपी पुलिस बिहार जाकर जांच करेगी।
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती 2018 के तहत लिखित परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद प्रदेश के आठ सेंटरों पर नापतौल और शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन चल रहा है। मेरठ पुलिस लाइन में मेरठ जोन के नौ जिलों का पैनल बनाया गया है। बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर के पैनल में एक अभ्यर्थी का बायोमैट्रिक मिलान नहीं हुआ। जिसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने युवक अनूप कुमार पुत्र शत्रुघ्न सिंह मूल रूप से औरंगाबाद (बिहार) को गिरफ्तार किया था। उसने बनारस के एएसएम इंटर कॉलेज में 28 जनवरी 2019 को यूपी पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में अपनी जगह सॉल्वर राजीव रंजन निवासी बिहार को बैठा दिया था। मेरठ जोन के भर्ती बोर्ड के नोडल अधिकारी/एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी ने बताया कि मूल आवेदक अनूप कुमार निवासी बिहार था। उसने लिखित परीक्षा बिहार निवासी राजीव रंजन से दिलवाई थी। जबकि अनूप कुमार नापतौल और शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन में पहुंचा। जहां बायोमेट्रिक मिलान और लिखित परीक्षा के फोटो में अंतर पाए जाने पर पहचान हुई। भर्ती पैनल अधिकारी की तरफ से सिविल लाइन थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। एसएसआई सिविल लाइन नरेश कुमार का कहना है कि आरोपी अनूप को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।