मेरठ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी का ‘खेल’ जारी है। चकमा देकर टैक्स चोरी करने की कोशिश कर रहे करोड़ों रुपये के माल को राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) टीम ने पकड़ा है। नवंबर में ऐसी 101 गाड़ियां पकड़ी गईं हैं। इनसे टैक्स के 99 लाख 86 हजार रुपये वसूले गए हैं।
इन वाहनों में टैक्स चोरी का लोहा, परचून, रेडीमेड और लकड़ी आदि सामान था। यह बिना ईवे बिल और बिना बिल बुक के ले जाया जा रहा था। एसजीएसटी की इंवेस्टिगेशन विंग लगातार कार्रवाई कर रही है। छह दस्ते इसकी जांच पड़ताल और कार्रवाई में लगे हैं। पांच दल मेरठ जिले में और एक दस्ता बागपत क्षेत्र में कार्रवाई कर रहा है। मुखबिरों के जरिये सूचनाएं आती हैं, इसके बाद कार्रवाई की जाती है। एडिशनल कमिश्नर संपूर्णानंद पांडे ने बताया कि टीमें टैक्स चोरी कर माल ले रहे लोगों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जिन गाड़ियों को पकड़ा गया था, उन्हें टैक्स वसूली के बाद छोड़ दिया गया है।
तीन फर्मो पर मारा छापा, स्टॉक में मिला अंतर
एसजीएसटी टीम ने पिछले एक माह के दौरान तीन व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। जांच के दौरान स्टॉक में अंतर पाया गया। इन फर्मों से टैक्स का 14 लाख 42 हजार रुपये वसूला है।
इन फर्जीवाड़ों पर नजर
वाणिज्य कर विभाग और जीएसटी काउंसिल का मुख्य फोकस अब इस तरह के टैक्स चोरी के मामलों पर है। बिलबुक के जरिए फर्जीवाड़ा, टर्नओवर छिपाकर, रिफंड के जरिए, फर्जी बिल बनाकर और तथ्यों को छिपाकर फर्जीवाड़ा करना।
ऑनलाइन दी जाती हैं सूचनाएं
अब वाणिज्य कर विभाग को हर कार्रवाई की मौके से ही विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन सूचना देनी होती हैं। बताना होता है कि कितना माल है, गाड़ी और सामान के पेपर हैं या नहीं। इसके अलावा चालक का बयान भी ऑनलाइन भेजना पड़ता है।