एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि 12 जुलाई को पट्टी चौधरान नई बस्ती बड़ौत निवासी लोहा व्यापारी हारून पुत्र अमीर अहमद का बदमाश दिनदहाड़े अपहरण कर ले गए थे और फोन पर परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने कुछ घंटे बाद ही अपहृत व्यापारी को मेरठ से बरामद कर लिया था। व्यापारी के भाई फारूख ने बड़ौत कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचना के दौरान मिले साक्ष्य के आधार पर आमिर कुशलिया थाना मंसूरी जनपद गाजियाबाद, अरमान निवासी खेकड़ा हाल घोंडा मौजपुर दिल्ली, असलम व वसीम निवासी कनौजा थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद, कादिर निवासी कल्लगढ़ी थाना मंसूरी जनपद गाजियाबाद, दिल्ली पुलिस का सिपाही रविंद्र ढाका निवासी ढिकौली थाना चांदीनगर हाल मॉडल टाउन पुलिस लाइन दिल्ली, उसका दोस्त राजीव, नदीम व राहुल निवासी नंद नगरी दिल्ली, निजाम उर्फ सोनू निवासी खेकड़ा हाल घोंडा मौजपुर के नाम प्रकाश में आए।
पुलिस ने आरोपी कादिर को 29 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसने बदमाशों को सिम कार्ड मुहैया कराया था। रविवार को पुलिस ने छपरौली रोड नहर पुलिया से आरोपी आमिर, अरमान, असलम, वसीम को गिरफ्तार किया। उनके पास से दो 315 बोर के तमंचे, चाकू व कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस के सिपाही रविंद्र के साथ मिलकर उन्होंने व्यापारी का अपहरण किया था और उसके परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। उन्होंने अपहरण के समय व्यापारी के जेब से मिले 36 हजार रुपये लूट लिए थे। पुलिस के डर के कारण उन्होंने व्यापारी को मेरठ में छोड़ दिया था। इस मामले में अभी छह आरोपी फरार है। उन्हें भी जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसपी ने बताया कि बड़ौत के लोहा व्यापारी हारून के अपहरण की योजना दिल्ली पुलिस के सिपाही रविंद्र ढाका ने अपने साथियों के साथ नंद नगरी दिल्ली में बनाई थी। 12 जुलाई को आरोपी रविंद्र व राजीव दिल्ली पुलिस की वर्दी पहन कर वेंटो व सेंट्रो कार से बड़ौत आए। अपने साथियों को साथ लेकर लोहा व्यापारी हारून का अपहरण कर लिया और सराय रोड पर व्यापारी की गाड़ी को छोड़कर अपनी गाड़ियों से ले गए। डासना जाकर फिरौती के लिए रुपये की मांग कर उसी शाम को उसे छोड़ दिया था। व्यापारी की जेब में रखे 36 हजार रुपये निकाल लिए थे।
सिपाही खुद के अपहरण की रच चुका है साजिश
एसपी ने बताया कि आरोपी दिल्ली पुलिस का सिपाही रविंद्र ढाका ने 22 फरवरी 2016 को खुद के अपहरण की साजिश रच कर चांदीनगर थाने में झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। वह जेल से जमानत पर छूटकर आ गया था।
पकड़े गए आरोपी आमिर ने बताया कि अपहरण की साजिद दिल्ली पुलिस के सिपाही रविंद्र ढाका ने रची थी। उसने व्यापारी से साढ़े तीन लाख रुपये वसूल किए और उन्हें आठ-आठ हजार रुपये दिए।
हारून ने निजाम का किया था व्यापार ठप
पकड़े गए आरोपी निजाम उर्फ सोनू ने बताया कि वह भी लोहा व्यापारी है। कई वर्ष पहले हारून पहले खेकड़ा में ही कबाड़ी की दुकान करता था। उसकी दुकान भी वहीं पर थी। हारून ने उसका धंधा बंद करा दिया था। तभी से वह उससे रंजिश रखता था। उसे बर्बाद करने के लिए उन्होंने उसके अपहरण की योजना बनाई थी।
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