जानकारी के अनुसार सन 2015 सपा सरकार में होने वाली 36 हजार कांस्टेबलों की भर्ती पर लगी रोक कोर्ट ने हटा दी। जिनमें से मेरठ जनपद को 350 कांस्टेबल मिले है। सन 2018 हाल में योगी सरकार में 40 हजार कांस्टेबलों की भर्ती हुई, जोकि लगभग पूरी हो चुकी है। फिजिकल और लिखित परीक्षा हो चुकी है। प्रवेश पत्र देना बाकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना कि इस भर्ती से कांस्टेबलों की काफी भरपाई होने की उम्मीद है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली समेत मेरठ जोन को सबसे ज्यादा कांस्टेबल मिलेंगे।
एएसपी सतपाल सिंह का कहना है कि नई भर्तियों में कांस्टेबलों को ट्रेनिंग में साइबर की भी जानकारी दी जा रही है। 36 हजार वाली भर्ती में 30 फीसदी कांस्टेबल साइबर में एक्सपर्ट बताए गए है। जिससे पुलिसिंग ओर बेहतर होगी। क्योंकि फिलहाल साइबर क्राइम बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उस पर शिकंजा कसने के लिए साइबर एक्सपर्ट पुलिस वालों ज्यादा होने की जरूरत है। मेरठ जिले को 150 सिपाही साइबर एक्सपर्ट मिले है।
पुलिसिंग होगी मजबूत
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार के मुताबिक पुलिस की संख्या बढ़ने से अपराध पर शिकंजा कसा जाएगा। पुलिस को तकनीकी संसाधन मुहैया कराने की बात चल रही है। जिससे पुलिसिंग मजबूत होगी। मेरठ जोन में करीब तीन हजार से अधिक सिपाही मिले हैं,जल्द ही और सिपाही मिलेंगे।