हर किसी को ईमानदारी का पाठ पढ़ाता था
ग्रामीणों का कहना है कि विभोर जब भी गांव में आता था, ग्रामीणों और आसपास के लोगों को सदा ईमानदारी और मदद करने का पाठ पढ़ाता था। पढ़ाई में होशियार होने के कारण वह पूर्व में कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
कमरे में आग लगने से हेड कांस्टेबल विभोर की मौत की सूचना पर फोरेंसिक टीम व आला अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। फोरेंसिक टीम को हेड कांस्टेबल के फोल्डिंग के पास एक खाली पव्वा पड़ा मिला। पास में ही एक पानी की बोतल भी मिली।
अंतिम विदाई देकर शव परिजनों को सौंपा
हेड कांस्टेबल विभोर के पिता जयकुमार सिंह, भाई आशीष,मेरठ पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद हेड कांस्टेबल के शव को पुलिस लाइन मे अधिकारियों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी और शव परिजनों को सौंप दिया।