उत्तर प्रदेश में मेरठ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सरधना इंस्पेक्टर दिलीप सिंह ने देर रात एक तमंचा फैक्ट्री का भंड़ाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से तमंचा बनाने वाले तीन कारीगरों को हिरासत लिया है। इसके बाद पुलिस ने गांव भामोरी में दबिश देकर दो और लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
सरधना में भामौरी गांव के एक बाग में पुलिस ने अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी है। यहां मुजफ्फरनगर के जौला गांव निवासी तीन युवक रातोंरात अवैध हथियार बनाने में जुटे थे। जिनसे बंदूक, तमंचे के साथ हथियार बनाने का सामान बरामद किया है। कमरे में तमंचे भरे थे और एकहजार आैर बनाने की तैयारी चल रही थी। सरधना के भामौरी गांव के जंगल में मंगलवार आधी रात पुलिस ने यह फैक्ट्री पकड़ी है। चर्चा है कि आम के बाग स्थित नलकूप पर लंबे समय से अवैध हथियार बन रहे थे। जहां जौला गांव के तीन युवक रात में हथियार बनाते थे। जबकि दिन में नलकूप पर ताला लगा रहता था।
बारिश के कारण बंद थी फैक्ट्री
एक व्यक्ति को इस नलकूप पर तमंचा फैक्ट्री चलने की जानकारी हुई तो वह इसकी पड़ताल में जुट गया। यह फैक्ट्री बारिश के कारण कई दिनों से बंद चल रही थी। मंगलवार रात यहां फिर से काम शुरू हो गया। जिस पर उक्त व्यक्ति ने थाना पुलिस और यूपी 100 पुलिस से संपर्क किया। वह रातभर पुलिस अफसरों से भी संपर्क में रहा। जिस पर पुलिस ने यहां छापा मारकर तीन लोग पकड़कर अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में बुधवार को भामौरी से नलकूप संचालक समेत दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया। इस संबंध में इंस्पेक्टर दिलीप सिंह ने बताया कि भामौरी में आम के बाग स्थित नलकूप से हथियारों की फैक्ट्री से असलहा व तीन लोग पकडे़ गए हैं। फिलहाल पुलिस पूछताछ में जुटी है। जल्द ही गैंग का खुलासा किया जाएगा।