इसके बाद भी विवाहिता को उसके ससुरालियों ने अपने घर में नहीं रखा। बाद में पीड़ित महिला के पिता ने उच्च न्यायालय से घरेलू हिंसा के मामले में अपनी पुत्री को न्याय दिलाए जाने को लेकर वाद दायर कराया। उच्च न्यायालय ने प्रशासनिक अधिकारियों को महिला को उसके घर में प्रवेश दिलाए जाने और उसे सुरक्षा प्रदान करने के आदेश जारी कर दिए।
रविवार की दोपहर करीब एक बजे उच्च न्यायालय के आदेश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी रुबी गुप्ता, डीपीओ संजय कुमार, विधि सहायक पर्यवेक्षक रवेंद्र कुमार, वरिष्ठ सहायक डीपीओ महबूब अली, जिला महिला थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पा देवी व थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह महिला नूतन मलिक को उसके घर में प्रवेश दिलाने हरीनगर कॉलोनी पहुंचे। महिला के ससुरालियों ने महिला को अपने घर में प्रवेश देने और अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया।
ससुरालियों ने अपने घर का गेट बंद कर दिया। मौके पर घंटों तक हंगामा होता रहा और प्रशासनिक अधिकारियों की महिला के ससुरालियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। महिला को घर में प्रवेश दिलाने को लेकर मौके पर घंटे तक हंगामा होता रहा।
पुलिस ने बंद दरवाजा जेसीबी से तोड़ पाने की चेतावनी दी तो करीब एक घंटे बाद दरवाजा खोल दिया गया। इसके बाद गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में महिला को उसके घर में प्रवेश दिला कर उसके घर के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया।