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कड़ाके की सर्दी पर भारी युवाओं का जोश

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रुड़की रोड स्थित 6वीं वाहिनी पीएसी मैदान में पुलिस भर्ती के लिये दौड़ लगाते अभ्यर्थी।
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कड़ाके की सर्दी पर भारी युवाओं का जोश
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मेरठ। कड़ाके की सर्दी, सुबह आठ बजे का वक्त। यूपी पुलिस में सिपाही बनने की चाहत में युवाओं का जोश भी देखते ही बन रहा था। बायोमेट्रिक प्रक्रिया के बाद 8.50 बजे 110 अभ्यर्थियों का पहला राउंड दौड़ के लिए तैयार था। दूर तक अभ्यर्थियों को सर्दी का एहसास नहीं था। रविवार को दौड़ में 89 प्रतिशत अभ्यर्थी पास हुए।
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती की प्रक्रिया के लिए मेरठ समेत प्रदेश में आठ सेंटर बनाए गए हैं। मेरठ जोन के मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर के अभ्यर्थियों की नापतौल और शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन पुलिस लाइन में चल रहा है। प्रत्येक जिले के पैनल में उसी जिले के एक सीओ और एक एसडीएम व शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। दौड़ की प्रक्रिया के लिए अलग से एक सीओ पैनल में शामिल हैं। सिपाही भर्ती की दौड़ की प्रक्रिया शनिवार से रुड़की रोड स्थित छठी वाहिनी पीएसी के मैदान पर शुरू हुई थी। लेेकिन शनिवार को दौड़ नहीं हो सकी। भर्ती बोर्ड के पैनल के सीओ संजीव देशवाल ने बताया कि रविवार को एक हजार पुरुष अभ्यर्थी बुलाए गए थे। जिनमें से 935 अभ्यर्थी पहुंचे। इनमें से 773 अभ्यर्थी दौड़े, जिनमें से 692 ने दौड़ पूरी की। शाम होने के कारण जो अभ्यर्थी दौड़ने से बचे उन्हें भर्ती बोर्ड अगली तारीख तय करेगा।
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25 मिनट में 4800 मीटर
मेरठ जोन के भर्ती बोर्ड के नोडल अधिकारी संजीव बाजपेयी ने बताया कि पुरुष अभ्यर्थी के लिए 25 मिनट में 4800 मीटर की दौड़ पूरी करनी है। महिला अभ्यर्थी के लिए 14 मिनट में 2400 मीटर की दौड़ पूरी करनी है। मैदान में एक चक्कर 400 मीटर का है। दौड़ के लिए अभ्यर्थी के पैर में चिप लगाई गई हैं। जो कंपनी दौड़ करा रही है कंपनी ने मैदान पर मैट बिछा है। जहां से दौड़ शुरू होती है, वहां जमीन पर बिछाए गए मैट में सेंसर लगाया है। जैसे ही अभ्यर्थी का पैर मैट पर पड़ता है तो दौड़ का समय शुरू हो जाता है। अभ्यर्थी को बताया जाता है कि प्रत्येक चक्कर में मैट पर पैर पड़ना जरूरी है।
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एक सेकेंड से हुए बाहर
करीब 25 से 30 अभ्यर्थी ऐसे थे जो एक सेकेंड से पीछे रहे। हापुड़ रोड निवासी राकेश एक सेकेंड से बाहर हो गया। जो बाद में बिलखने लगा कि वह कई भर्ती देख चुका है। लेकिन दौड़ में रह जाता है।
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