मेरठ में वैक्सीनेशन। फाइल फोटो।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में वैसे तो सात लाख 2928 लोगों का टीकाकरण हो चुका है। लेकिन अगर टीके की दोनों डोज की बात करें, तो महज एक लाख 26 हजार 278 लोगों को ही लगी है। सिर्फ एक डोज से अधूरा वैक्सीनेशन है। 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हुआ था।
लक्ष्य को पूरा करने में भी मेरठ कोसो दूर है। स्वास्थ्य विभाग ने 16 लाख 45 हजार 98 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य बनाया है। जनपद की करीब 40 लाख की आबादी है।
कोरोना वॉरियर्स ने भी दूसरी डोज लगवाने में उत्साह नहीं दिखाया है। 16 हजार 164 हेल्थ केयर वर्कर और फ्रंट लाइन वर्कर ऐसे हैं, जो दूसरी डोज लगवाने ही नहीं पहुंचे। कोरोना की दोनों डोज लगवाने वालों की संख्या कम होने की एक वजह वैक्सीन की किल्लत भी है। 28 दिन की बजाए कोविशील्ड की बूस्टर डोज 84 दिन कर दी गई है। वहीं 46 निजी अस्पतालों में चल रहा टीकाकरण बंद हो गया है। एक निजी अस्पताल को छोड़कर अब सिर्फ सरकारी केंद्रों पर ही टीकाकरण हो रहा है। सरकारी केंद्रों की संख्या भी 123 से घटाकर 66 कर दी गई है।
कोरोना टीकाकरण
हेल्थ केयर वर्कर
पहली डोज दूसरी डोज
24417 17908
फ्रंट लाइन वर्कर
23539 13884
45 साल से ज्यादा
पहली डोज दूसरी डोज
446673 73587
18-44 साल उम्र के
पहली डोज दूसरी डोज
208299 20899
टीकाकरण बढ़ाने पर है जोर
कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया जाए। एक जुलाई से घर से बुलाकर टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण के लिए जितनी भी बेहतर व्यवस्था बनाई जा सकती है, वह बनी हुई है। निजी अस्पतालों का टीकाकरण बंद नहीं किया गया है, वह चाहे तो खुद से वैक्सीन खरीद कर टीकाकरण कर सकते हैं।
- डॉ अखिलेश मोहन, सीएमओ