यूपी के बागपत जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सामूहिक दुष्कर्म की शिकार नर्सिंग की छात्रा की छोटी बहन ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि उसके साथ भी तीन माह पहले दुष्कर्म किया गया था। इस किशोरी ने मीडिया के समक्ष गांव के ही एक युवक पर तीन माह पूर्व देहरादून ले जाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है और बताया कि पुलिस ने उसे वहीं से बरामद किया था, लेकिन आरोपियों के दबाव में पुलिस ने उससे बयान बदलवा दिए थे। अब उसे इस मामले में इंसाफ चाहिए।
17 वर्षीय किशोरी ने बताया कि जुलाई माह में वह घर से दुकान पर सामान लेने गई थी। रात्रि में उसे गांव का ही एक युवक मिला, जो उसकी ही कक्षा में पढ़ता था। किताबें दिखाने के बहाने वह उसे अपने घेर में ले गया और वहां नशा सुंघाकर बेहोश कर दिया। होश आया तो वह देहरादून में सुनसान जगह पर कमरे में बंधक थी। आरोपी ने सात दिन तक लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया। एक सप्ताह बाद पुलिस उसे बंधन मुक्त कराया और वापस ले आई। इस मामले में आरोपी के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।
किशोरी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाव में आकर आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। मेडिकल के नाम पर महिला पुलिसकर्मियों ने उसे भयभीत कर दिया। सीएचसी में दो महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई की। पुलिस के डर से उसने न्यायालय में अपने बयान बदल दिए थे।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस किसी पर बयान बदलने के लिए दबाव नहीं बनाती। किशोरी ने अभी तक पुलिस से शिकायत नहीं की है। यदि किशोरी शिकायत करती है तो जांच कराई जाएगी।
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