डी-155 गैंग का सरगना और 25 हजार का इनामी अमित मरिंडा शनिवार को बुर्के में कोर्ट पहुंचा और एक पुराने केस में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। नौचंदी और मेडिकल पुलिस कई बार किरकिरी होने के बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि कोर्ट से रिमांड स्वीकृत कराकर अमित मरिंडा से पूछताछ की जाएगी।
अमित मरिंडा के खिलाफ जिले में जानलेवा हमले, दुष्कर्म, रंगदारी और लूट समेत करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं। नौचंदी, मेडिकल, लोहियानगर, सिविल लाइन और भावनपुर थानों में उसके गिरोह का आतंक है। आए दिन मारपीट और फायरिंग करना इस गिरोह का शगल है। इसके बावजूद पुलिस अमित मरिंडा को गिरफ्तार नहीं कर पाई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जुलाई माह में अमित का गैंग मेडिकल थाने में पंजीकृत किया गया था। नौचंदी थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। आरोपी की संपत्ति की भी पुलिस जांच कर रही है। जिससे अपराध के जरिए अर्जित की गई संपत्ति को जब्त किया जा सके। अमित मरिंडा पहले जेल भी जा चुका है।
संरक्षण देने वालों के वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
अमित मरिंडा की गिरफ्तारी न होने पर उस पर 25 हजार का इनाम एसएसपी ने घोषित किया था। इसके बाद भी कुछ लोगों के संरक्षण की वजह से वह पकड़ में नहीं आया। एसपी सिटी ने बताया कि अमित मरिंडा को संरक्षण देने वालों की जांच कराई जाएगी। इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।