यूपी उपचुनाव को लेकर अमर उजाला के खास कार्यक्रम 'चाय पर चर्चा' के दौरान चुनावी रथ मीरापुर पहुंचा। जहां सुबह-सुबह क्षेत्र की जनता से चुनाव पर चर्चा हुई।
पश्चिम यूपी की सियासत में अपना खास वजूद रखने वाली मीरापुर विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला पिछले 57 साल से एक भी विधायक नहीं चुना गया। परिसीमन के बाद मोरना से मीरापुर विधानसभा सीट बनाई गई। इस क्षेत्र से जीते तीन विधायक अब तक मंत्री भी रहे। दिलचस्प बात यह है कि सूबे के पहले डिप्टी सीएम बाबू नारायण सिंह भी मोरना से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
20 नवंबर को होगा चुनाव
यूपी में नौ सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए मतदान की तारीख एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई। 13 की जगह 20 नवंबर को मतदान होगा। इस संबंध में चुनाव आयोग ने आदेश जारी कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने जारी किए गए आदेश में कहा है कि 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व होने की वजह से भाजपा, कांग्रेस सहित क्षेत्रीय दलों ने मतदान की तारीख बदलने की मांग की थी जिस पर यह निर्णय लिया गया है।
मोरना-मीरापुर से कब कौन रहा विधायक
साल पार्टी विधायक
1967 कांग्रेस राजेंद्र दत्त त्यागी
1969 बीकेडी धर्मवीर त्यागी
1974 कांग्रेस नारायण सिंह
1977 जनता पार्टी नारायण सिंह
1980 जनता एस मेहंदी असगर
1985 कांग्रेस सईदुज्जमां
1989 जनता दल अमीर आलम
1991 भाजपा रामपाल सैनी
1993 भाजपा रामपाल सैनी
1996 सपा संजय सिंह
2002 बसपा राजपाल सैनी
2007 रालोद कादिर राना
2009 रालोद मिथलेश पाल
2012 बसपा मौलाना जमील
2017 भाजपा अवतार भड़ाना
2022 रालोद चंदन चौहान