पंजाब, हरियाणा में पराली जलाए जाने से एनसीआर की हवा प्रदूषित होती जा रही है। रविवार को शहर का एक्यूआई स्तर बढ़कर 231 पर पहुंच गया। मेरठ देश के 241 शहरों में प्रदूषण को लेकर की गई मॉनीटरिंग में पांचवा सबसे प्रदूषित शहर रहा। जबकि, पड़ोसी जिले मुजफ्फरनगर व गाजियाबाद क्रमश: पहले व दूसरे स्थान पर रहे।
दीपावली से पहले एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर की हवा प्रदूषित होने से शहरवासियों की सेहत पर भी इसका असर होने की आशंका बढ़ गई है। ठंड बढ़ते ही शहर पर स्मॉग की चादर छा जाएगी। इस कारण सबसे अधिक हृदय रोगी, दमा रोगी, बच्चों व बुजुर्गों पर सीधा असर देखने को मिलेगा।
मेरठ का एक्यूआई रविवार को 135 से बढ़कर 231 के स्तर पर पहुंच गया। सबसे ज्यादा हालात गंगानगर के खराब रहे। यहां, एक्यूआई का स्तर 168 से बढ़कर 329 पर पहुंच गया, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। जयभीमनगर में 174, पल्लवपुर में 191, दिल्ली रोड पर 221, बेगमपुल पर 215 एक्यूआई दर्ज किया गया।
पड़ोसी जिला मुजफ्फरनगर देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई का स्तर 277 पर पहुंच गया। गाजियाबाद 264 स्तर के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
रात में बढ़नी लगी ठंड
अक्तूबर माह के दिन का तापमान अभी भी 35 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मगर रात के तापमान में तेजी से गिरावट आने के चलते ठंड का अहसास होने लगा है। रविवार को दिन का तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अक्तूबर के अंत में दिन के तापमान में भी गिरावट होने से गुलाबी ठंड का अहसास होने लगेगा।