संपत्ति और गाड़ियां हो चुकी हैं जब्त
एक समय बसपा के कद्दावर नेता कहे जाने वाले याकूब कुरैशी पर फिलहाल संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वह खुद सोनभद्र जेल में बंद है। जिला प्रशासन की तरफ से याकूब को आर्थिक तौर पर भी कमजोर किया जा रहा है। प्रशासन की तरफ से अभी तक याकूब की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति और 32 लग्जरी गाड़ियों को जब्त किया जा चुका है। कुछ अन्य संपत्ति भी बची है। इसकी प्रक्रिया चल रही है।
विवादों से रहा याकूब का नाता
याकूब कुरैशी कई विवादों में भी रहा। वह पहली बार तब सुर्खियों में आया था, जब डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। इसके अलावा भी अलग-अलग बयानबाजी को लेकर चर्चाओं में रह चुका है। जिस तरीके से याकूब पर शिकंजा कसा जा रहा है, उसके बाद नजदीक दिखने वाले लोगों ने भी दूरी बना ली है।
बदलता रहा दल
याकूब कुरैशी ने शुरुआत में यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) नाम से एक अलग पार्टी बनाई थी। इसके बाद वह बसपा में शामिल हो गया था। साल 2007 में याकूब कुरैशी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। इसके बाद बसपा सरकार ने मंत्री बनाया था। साल 2012 में चुनाव में टिकट कटने के बाद वह लोकदल में शामिल हो गया था। हालांकि कुछ दिन बाद वह सपा में चला गया था। फिर बसपा में वापसी की। याकूब को जिसका पलड़ा भारी लगता, उसी में शामिल हो जाता था।