बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र रोहन कुमार (26) का शव किराए के मकान में फंदे से लटका मिला। तड़के पत्नी ने देखा तो वह दंग रह गई। सहपाठी के सहयोग से वह उसे लेकर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। यहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की। वहीं, छात्र के परिजनों ने पत्नी और सहपाठी छात्र पर रस्सी से गला घोंटकर हत्या का आरोप लगाया है। पिता ने कोतवाली में तहरीर भी दी है।
मेरठ जिले के गंगानगर थाना क्षेत्र के रजपुरा गांव निवासी रोहन कुमार शहर कोतवाली क्षेत्र के कुशवाहा नगर में किराए का मकान लेकर पत्नी आकांक्षा (25) निवासी पीलीभीत के विसलपुर गांव के साथ रहता था। रोहन ने बृहस्पतिवार तड़के साढ़े तीन बजे कमरे में लगे जंगले से दुपट्टा बांधकर फंदा लगा लिया। आकांक्षा की नींद खुली तो उसे फंदे से लटका पाया। उसने रोहन के मित्र धर्मेंद्र प्रताप सिंह (एमबीबीएस प्रथम वर्ष) को फोन कर बुलाया और रोहन के परिजनों को जानकारी दी। बाद में रोहन को मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित कर दिया गया।
देर शाम रोहन के पिता प्रवीण कुमार ने बताया कि आकांक्षा ने फोन पर सुबह बताया कि रोहन की डिप्रेशन की वजह से तबीयत खराब है, आप लोग आ जाइये। यहां आए तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। आकांक्षा को रोहन की पत्नी मानने से इन्कार करते हुए कहा कि रोहन ने कभी आकांक्षा का जिक्र उनसे नहीं किया। कोतवाली में आकांक्षा व रोहन के मित्र धर्मेंद्र प्रताप के खिलाफ रोहन के साथ मारपीट कर रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
शहर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि दो डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया है। घटना की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके पिता को सौंप दिया है। रोहन और आकांक्षा कोर्ट मैरिज करके साथ में रह रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आया है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुनील कौशल ने बताया कि रोहन कैंपस के बाहर मकान लेकर रहता था। प्रथम वर्ष की गुरुवार से परीक्षाएं शुरू हैं। इसमें रोहन को बैठना था। वह पढ़ाई में ठीक था। उसने यह कदम क्यों उठाया, उन्हें जानकारी नहीं है।
दो बहनों का इकलौता भाई था रोहन
रोहन कुमार ने अगस्त-2023 में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया था। उसकी बृहस्पतिवार से परीक्षा शुरू हुई थी। पिता प्रवीण ने बताया कि रोहन बुधवार दोपहर ही मेरठ से बांदा आया था। उन्होंने उसे खर्च के लिए 12 हजार रुपये भी दिए थे। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वह कैंपस में न रहकर किराए का मकान लेकर रह रहा था। वह दो बहनों का इकलौता भाई था। पिता प्राइवेट में टैक्सी चलाते हैं। दो बहनें भावना और तनु मेरठ से बीएससी अंतिम वर्ष की छात्राएं हैं।