हवा में उड़ रहे धूल के महीन कण और हल्के बादलों के बीच स्मॉग का असर बढ़ रहा है। दिन में जहां बदली छा रही है तो रात को आसमान में सफेद सी चादर बिछ रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अभी स्थिति दिल्ली से बेहतर है। लेकिन यदि समय रहते एहतियात न बरती गई तो दिन में अंधेरा छा सकता है।
हरियाणा और पंजाब के किसान बड़े स्तर पर परीली (धान के अवशेष) जलाते हैं। दिल्ली, गाजियाबाद के बाद मेरठ भी एनसीआर में ही है। अब बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या मेरठ में ही नहीं, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली व सहारनपुर में भी बढ़ रही है। सुबह के समय तो स्मॉग का खतरा अधिक रहता है। फिर दिन में भी आसमान पर धुंध सी छायी रहती है। पीएम 10 का मानक बढ़ रहा है।
100 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहने वाला यह स्तर 300 से ऊपर पहुंच चुका है। अभी ऐसे हालात नहीं है कि दिन में अंधेरा छा जाए। लेकिन अक्तूबर के अंतिम दिनों और नवंबर के प्रथम सप्ताह में ऐसे ही हालत बनने के आसार हैं। हवा की गति भी धीमी हो रही है धूल के कण हवा में तैर रहे हैं, जो सही नहीं है।
हो जाती है हवा खराब
मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच दिन का तापमान फिर से बढ़ा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अभी मौसम ऐसे ही बना रहेगा। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 34 डिग्री व न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 78 व न्यूनतम 32 प्रतिशत दर्ज की गई। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि इन दिनों में परेशानी बढ़ जाती है। हवाओं के कारण धूल और धुएं का गुबार वेस्ट यूपी और एनसीआर में बढ़ने के कारण यहां की हवा भी खराब हो जाती है। आने वाले दिनों में भी आसमान पर बादल छा सकते हैं।
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