इस मामले में पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे दबंगों के हौसले और बढ़ गए। 23 फरवरी को आरोपियों ने धमकी दी कि वे उसे और उसके भाई को सबक सिखाएंगे। इसके बाद उनके साथ मारपीट भी की गई। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
परेशान होकर पीड़ित परिवार ने अपने घरों पर "यह मकान बिकाऊ है" लिख दिया है लेकिन प्रशासन ने इसे भी नजरअंदाज कर दिया।
सनोज का कहना है कि जब वह चौकी से लौटकर आया, तो आरोपियों ने उसे जातिसूचक शब्द कहे, गाली-गलौज की और उल्टे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इससे डरकर उसने अपने पुत्र शिवम, पुत्र कर्ण और पुत्री विरा सहित गांव छोड़ दिया और हरियाणा के पानीपत में अपने मामा के यहां शरण ली। एसपी रामसेवक गौतम का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी कर कार्रवाई कराई जाएगी।