किशनपाल सिंह ने कहा कि बेटी ने गांव के साथ-साथ पूरे देश का नाम रोशन किया है। कभी पगडंडियों पर दौड़कर वह तैयारी करती थीं, आज पारुल ने दूसरे खिलाड़ियों और लड़कियों के लिए आगे का मार्ग तैयार किया है। वह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गई हैं।
पिता ने बताया कि उन्होंने शुरुआती दिनों में पहले कॉलेज स्तर पर प्रतियोगिताओं में भाग लिया और उसके बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया। 2010 में उन्होंने कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। अर्जुन अवाॅर्ड मिलने पर पर उनके कोच गौरव त्यागी ने भी उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि पारुल की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
पारुल ने एशियन गेम्स में 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपल चेज में रजत पदक प्राप्त किया। इसी का नतीजा है कि अब उन्हें अर्जुन अवार्ड दिया गया है। पारुल ने 2010 में कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोच गौरव त्यागी से प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। उनके पिता किशनपाल ने बताया कि सबसे पहले पारुल ने गांव में कच्ची सड़क पर दौड़ना शुरू किया। भराला गांव के बीपी इंटर कॉलेज में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद ऑल इंडिया विवि चैंपियनशिप में प्रतिभा दिखाई।
साइकिल से 12 से 13 किलोमीटर का सफर तय कर वह कैलाश प्रकाश स्टेडियम में प्रशिक्षण करने जाती थीं। उनकी यही मेहनत रंग लाई और वह आगे बढ़ती चली गई। पारुल ने वर्ष 2018 में बैंकाक में हुई एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। 2023 के एशियन गेम्स में उन्होंने 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपल चेज में रजत पदक प्राप्त कर अपनी क्षमता और प्रतिभा को साबित कर दिया। उन्हें रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड भी प्राप्त हो चुका है। अब उन्हें अर्जुन अवार्ड दिया गया है जो हर खिलाड़ी का सपना होता है। उनके पिता ने कहा कि उनका सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। वह चाहते हैं कि ओलंपिक तक उनकी बेटी ऐसे ही देश का नाम रोशन करे।
हर खिलाड़ी का सपना होता है उसे अर्जुन अवार्ड मिले
एथलीट पारुल चौधरी ने भी अर्जुन अवार्ड दिए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अर्जुन अवार्ड मिलना उनका सपना पूरा होना है। यह अवार्ड हर खिलाड़ी का सपना होता है। ऐसे अवार्ड से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है। उन्होंने इसके लिए अपने कोच, परिजन, सरकार सभी का धन्यवाद किया।
पदक और पारुल
पारुल ने वर्ष 2018 में बैंकाक में हुई एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। 2023 में चीन में हुए एशियन गेम्स में उन्होंने कमाल कर दिया। उन्होंने 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपल चेज में रजत पदक प्राप्त किया। अब उनके पिता, कोच और सभी देशवासियों को उनसे ओलंपिक में पदक की उम्मीद है।