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UP: योगी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं पश्चिमी यूपी के कई चेहरे, कई का घटेगा पद, तो कुछ की होगी छुट्टी

Sun, 22 Mar 2026 11:20 AM IST
Mohd Mustakim कुलदीप त्यागी, मेरठ

सार

2027 के चुनाव को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाना है। ऐसे में प्रतिनिधित्वविहीन जिलों के विधायकों को मंत्री बनने का मौका
मिल सकता है। कई विधायक पहली बार मंत्री भी बन सकते हैं। 
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BJP - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में पश्चिमी यूपी के कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है। कई मंत्रियों का कद बढ़ सकता है, तो कुछ मंत्रियों को हटाए जाने की भी अटकलें हैं। भाजपा संगठन और सरकार की मंशा मंत्रिमंडल में उन जिलों के नेताओं को शामिल करने की है, जिन्हें अभी तक प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। मंत्री बनने के लिए भाजपा विधायक दिल्ली-लखनऊ दरबार को साधने में जुट गए हैं।
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मिशन यूपी 2027 को फतह करने के लिए भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसके लिए संगठन से लेकर सरकार तक जातीय संतुलन बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। यही वजह है कि विस चुनाव से पहले पिछड़ों को लुभाने के लिए पिछड़ा वर्ग से आने वाले पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर संदेश देने की कोशिश की गई। जिला कार्यकारिणी के गठन में भी सवर्ण के साथ पिछड़ा, अति पिछड़ा वर्ग और एससी वर्ग के नेताओं को वरीयता दी गई। अब योगी सरकार के मंत्रिमंडल में विस्तार में भी जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की तैयारी है।
 

सभी जिलों को प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना
योगी सरकार के मंत्रिमंडल के प्रस्तावित फेरबदल में पश्चिमी यूपी के उन जिलों के विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है, जहां से अभी तक कोई मंत्री नहीं बना है। मंत्रिमंडल में छह पद इस समय खाली है। इनमें बिजनौर, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, हापुड़, शामली, मुरादाबाद जिले से कोई मंत्री सरकार में शामिल नहीं है। जबकि मेरठ, गाजियाबाद से दो-दो मंत्री हैं। इन मंत्री विहीन जिलों का मंत्रिमंडल विस्तार में खाता खुल सकता है।
 

कई मंत्रियों को हटाए जाने की अटकलें
योगी मंत्रिमंडल में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले और विवादों में रहने वाले कई मंत्रियों की छुट्टी की भी अटकलें हैं। इन मंत्रियों को हटाकर गठन में जगह दी जा सकती है। कुछ नए चेहरों को मंत्री बनाकर आगामी विधानसभा चुनाव के समीकरण साधे जाएंगे। इनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो मंत्रियों को हटाए जाने की चर्चा है। एक-दो राज्य मंत्रियों का कद बढ़ाकर कैबिनेट का दर्जा भी दिया जा सकता है।
 

भूपेंद्र चौधरी का मंत्री बनना तय
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है। उन्हें मंत्री बनाकर जाट समाज को संदेश दिया जा सकता है। मेरठ निवासी एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज को मंत्री बनाकर ब्राह्मण समाज की नाराजगी दूर की जा सकती है। त्यागी समाज का भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। ऐसे में मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी और एमएलसी अश्विनी त्यागी मंत्री बनने के दावेदार हैं। गुर्जर समाज से आने वाले पूर्व मंत्री अशोक कटारिया को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल कर गुर्जरों का असंतोष दूर करने की बात कही जा रही है।
 
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जल्द मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना
विधानसभा चुनाव में अधिक समय नहीं होने के कारण यूपी सरकार के मंत्रिमंडल में दो-तीन दिन के अंदर ही फेरबदल की संभावना है। इसके बाद भाजपा सरकार में खाली पड़े आयोगों, निगमों, बोर्डों के पदों को भरा जाएगा, ताकि कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर की जा सके। इसके बाद क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा होने की उम्मीद है। बचे नेताओं को प्रदेश कार्यकारिणी में स्थान दिया जाएगा।


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