Meerut News: मेरठ में वकील आमिर खान और उनके क्लाइंट परीक्षितगढ़ निवासी फखरुद्दीन पक्ष के बीच कचहरी में मारपीट हो गई। वकीलों ने कुछ युवकों को बुरी तरह पीटा। पुलिस उन्हें बचाकर ले गई थी। अब इस मामले में वीडियो के आधार पर वकीलों पर एफआईआर दर्ज हुई है।
कचहरी परिसर में वकीलों द्वारा युवकों को बंधक बनाकर जानलेवा हमला करने के गंभीर मामले में पुलिस ने 13 नामजद और 60 अज्ञात वकीलों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। यह घटना वकील की फीस को लेकर हुए विवाद के बाद हुई, जिसने हिंसक रूप ले लिया। युवकों को पीटा गया और पुलिस के साथ भी धक्कामुक्की की गई।
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पुलिस के साथ खींचतान।
- फोटो : अमर उजाला
परीक्षितगढ़ के सिखेड़ा गांव निवासी शेर खान ने अपनी प्राथमिकी में बताया है कि अधिवक्ता आमिर खान के चैंबर में बातचीत के दौरान वकील की फीस को लेकर फखरुद्दीन का अपने वकील से मतभेद हो गया। फखरुद्दीन वहां से चले गए, लेकिन उनके साथ आए शेरखान, साजिद, रियाज और फखरुद्दीन के रिश्तेदार चैंबर में ही रुके रहे।
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युवकों को पुलिस से छुड़ाने की कोशिश करते वकील।
- फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि कुछ देर बाद अधिवक्ता आमिर खान अपने साथियों के साथ बाहर आए और चारों को चैंबर में बंद कर दरवाजा लगा दिया। इसके बाद, उन्होंने अपने अन्य साथी अधिवक्ताओं को बुला लिया और झूठे आरोप लगाते हुए मारपीट शुरू कर दी।
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एसओ से की धक्कामुक्की और युवकों को पीटते वकील।
- फोटो : अमर उजाला
जानलेवा हमले का प्रयास
FIR के अनुसार, अधिवक्ता आमिर खान और उनके साथियों ने मिलकर गाली-गलौज शुरू कर दी और चारों को घेरकर जमीन पर गिरा दिया। पीड़ित का आरोप है कि जान से मारने की नीयत से उसके सिर पर ईंटों से ताबड़तोड़ वार किए गए। उसने सिर को बचाने की कोशिश की, तो ईंटें उसकी पीठ के ऊपरी हिस्से पर लगीं। हमलावर वकील कथित तौर पर चिल्ला रहे थे कि 'आज इन्हें जान से मार दो, ताकि ये कभी वकीलों से पंगा न लें।' इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर फखरुद्दीन के रिश्तेदार वहां से भागने में सफल रहे।
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युवकों को छुड़ाकर ले जाते वकील।
- फोटो : अमर उजाला
वीडियो से हुई पहचान और पुलिस कार्रवाई
पीड़ितों के अनुसार, कचहरी परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया था, जिसके आधार पर हमलावर अधिवक्ताओं की पहचान की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को बचाया और थाने ले जाकर उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया। पुलिस ने घटना के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 191(2) (बलवा और हिंसा करना), 115(2) (जानबूझकर मारपीट कर चोट पहुंचाना), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 352 (गाली-गलौज कर शांति भंग करने के लिए उकसाना), 351(3) (जान से मारने या गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी देना) और धारा 109(1) (जान से मारने की नीयत से हत्या का प्रयास करना) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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युवकों को ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
वकीलों द्वारा लगाए गए आरोप
वहीं, वकीलों के पक्ष के अनुसार, कचहरी स्थित अधिवक्ता आमिर खान के पास आरोपी फखरुद्दीन उर्फ फकरू का एक मुकदमा विचाराधीन था, जिसमें उनके अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया था। इसी मामले में फीस वापसी को लेकर आरोपी फखरुद्दीन अपने साथियों के साथ अवैध असलहा लेकर कचहरी आए थे और अधिवक्ता पर जानलेवा हमला करते हुए मारपीट करने लगे। अधिवक्ता ने अपनी जान बचाकर चैंबर से बाहर निकलकर अन्य अधिवक्ताओं की मदद मांगी। मौजूद अधिवक्ताओं ने आरोपियों को पकड़कर चैंबर में बंद कर दिया और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस सभी आरोपियों शेर खान, शमशाद, नईम, फखरुद्दीन व साजिद आदि को पकड़कर थाने ले गई। पीड़ित अधिवक्ता ने थाना सिविल लाइन मेरठ में तहरीर देकर बताया कि ये लोग बदमाश किस्म के व्यक्ति हैं और उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है। अधिवक्ता का आरोप है कि आरोपियों ने उनके घर का भी पीछा किया था और बाद में कचहरी में जान से मारने की नीयत से मारपीट की।