फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: जयंत सिंह ने दिलाई अपने दादा की याद, बोले- चौधरी चरण सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी एनडीए की नींव

Mon, 13 Apr 2026 08:39 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

Muzaffarnagar News: प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुजफ्फरनगर में जनसभा की। इस दौरान मंच से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का नाम खूब गूंजा। जयंत ने भी अपने दादा की याद दिलाई। 
विज्ञापन
जनसभा में बोलते जयंत सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नुमाइश मैदान पर हुई जनसभा से भाजपा-रालोद गठबंधन ने विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल बजा दिया। ऋषि और कृषि को जोड़कर भविष्य का संदेश दिया। सीएम के साथ ही रालोद प्रमुख जयंत सिंह ने मंच से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को याद किया।
विज्ञापन

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के कार्य गिनाते हुए किसानों की नब्ज पकड़ी। केंद्रीय राज्यमंत्री एवं रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने कहा कि एनडीए की नींव 43 साल पहले चौधरी चरण सिंह और अटल बिहारी वाजपेई ने ही रखी थी। मुजफ्फरनगर के गुड़ और गन्ने की मिठास भी खूब याद की गई।
 

शुकतीर्थ का जिक्र करते हुए लोगों को अध्यात्म से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह महर्षि शुकदेव की साधना से पवित्र हुई भूमि है। चौधरी चरण सिंह ने किसानों को सरकारों के एजेंडे में शामिल कराने का काम किया। करीब 45 मिनट लंबे संबोधन में बार-बार किसानों के लिए किए गए चौधरी साहब के कार्य भी गिनाए। यही नहीं दिवंगत चौधरी अजित सिंह की कर्मभूमि भी बताई गई।

सबके कल्याण की बात करते थे चौधरी चरण सिंह
भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जयंत चौधरी के दादा थे। उन्होंने कभी जाति की बात नहीं की, वह वह सबके कल्याण की बात करते थे। उनका सम्मान करना हम सबका दायित्व है। महापुरूष देश के नायक होते हैं।  रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने गन्ना मूल्य का जिक्र भी छेड़ा। उन्होंने कहा कि बात 400 पार ले जाने की है। एनडीए की शुरुआत 1983 में हो गई थी और अब यह कारवां आगे बढ़ रहा है। साफ संकेत दिया गया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम यूपी में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर किसान जातियों की नब्ज पकड़ने का काम किया जाएगा।
 

पहले पहचान का संकट...अब औद्योगिक क्रांति
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद और मुरादाबाद का नाम लेकर कहा गया कि पहले लोगों के सामने पहचान का संकट होता था। डबल इंजन की सरकार में औद्योगिक क्रांति से नाम रोशन हुआ है।
 

दंगा, कांवड़ और याद दिलाया कोरोना काल
जनसभा में मुख्यमंत्री विपक्ष पर बिना नाम लिए हमलावर भी हुए। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई जाती थी लेकिन भाजपा सरकार ने पुष्पवर्षा की। कोरोना काल में लोगों को सुविधाएं दी गई।
विज्ञापन

दादरी और सकौती की सभाओं का भी असर
नुमाइश मैदान में आयोजित जनसभा में पिछले दिनों पश्चिम यूपी के सियासी घटनाक्रमों का असर भी देखने को मिला। मंच से बार-बार जाति बंधन को तंग दायरा बताया गया। मुख्यमंत्री ने महापुरुषों का नाम जाति से जोड़ने को गलत ठहराया। गौरतलब है कि दादरी में सपा की रैली में गुर्जर समाज की अधिकता रही थी, जबकि सकौती में जाट संसद की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इन दोनों सभाओं के बाद से पश्चिम यूपी में सियासी हलचल भी तेज हो गई थी। नुमाइश मैदान में पश्चिम की यह बड़ी जनसभा हुई है, जिसमें जाति व्यवस्था से दूरी बनाकर देश और समाज के लिए कार्य करने का आह्वान भी किया गया।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें