वहीं दूसरी तरफ 8 नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद यह नियम लागू हुआ था कि 50 हजार रुपये से ऊपर के नगद लेन देन नहीं होगा। यदि होता है, तो उसका स्पष्ट विवरण देना होगा। इस दौरान तमाम लोगों ने बैंकों में 50 हजार रुपये से ज्यादा नगद पैसा जमा कराया था और नगदी पर ही खरीद फरोख्त भी की थी। ऐसे तमाम लोगों का रिकॉर्ड तलब कर विभाग उन्हें लगातार नोटिस जारी करता आ रहा है। इस कार्रवाई को आयकर विभाग ने ‘ऑपरेशन क्लीन मनी’ नाम दिया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार फरवरी माह तक विभाग स्क्रूटनी नोटिस का काम पूरा करने की तैयारी में है, ताकि मार्च माह के बाद इस वित्तीय वर्ष के आयकर रिटर्न दाखिल कराने की तैयारी विभाग कर सके। इसके लिए विभागीय अधिकारी और कर्मचारी लगातार जुटे हुए हैं।
वहीं पिछले कुछ वर्षों में अचानक मालामाल होने वालों, नई लक्जरी कारें खरीदने वालों, नोटबंदी के दौरान खातों में असामान्य रूप से मोटी रकम जमा करने वालों पर भी आयकर की नजर है। खास तौर से टैक्स चोरी में लिप्त नौकरशाह और सफेदपोश रडार पर हैं।
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