महिला कौशर ने पत्रकारों को बताया कि निकाह के तीन माह बाद ही बेटी हो गई, जिस कारण बदनामी के डर से उन्होंने बेटी को मकान के बाहर छोड़ा था। इसमें उसके पति सरवर की भी सहमति थी। उसने बताया कि अब वह बेटी को लेना चाहते है। उधर, एसएसपी ने बताया कि कोर्ट की अनुमति से ही बच्ची माता-पिता को मिलेगी।
यह था बच्ची को छोडऩे का कारण
कौशर मूल रूप से नई मंडी के बिलासपुर गांव निवासी है, जो अब अपनी मां के साथ शहर क्षेत्र के गांव न्याजूपुरा में रहती है। कुछ साल पहले वह पानीपत की एक कंबल फैक्ट्री में नौकरी करने गई थी। वहां पर पानीपत के गांव बापौली निवासी सरवर एक दुकान पर काम करता था। प्रेम प्रसंग के चलते कौशर गर्भवती हो गई। तब सरवर ने निकाह करने से इंकार किया, तो उसने सरवर के खिलाफ पानीपत में मुकदमा दर्ज कर दिया। दोनों के परिजन निकाह को सहमत हुए तो कौशर ने कोर्ट में सरवर के हक में बयान देकर मुकदमा वापस ले लिया। इसके बाद फरवरी माह में उनका निकाह हो गया। कुछ दिन ही ससुराल में रहने के बाद वह न्याजूपुरा आ गई। यही पर उसने पांच जून को बेटी को जन्म दिया। अब उसे पुन: अपनी ससुराल बापौली जाना था, लेकिन बेटी का जन्म हो गया।
मासूम सुनैना को मां की जरूरत
जिला अस्पताल में भर्ती मासूम सुनैना की हालत अभी भी ठीक नहीं है। सीएमएस डॉ अमिता गर्ग ने बताया कि बच्ची को अब मां की जरूरत है।
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