मेरठ छावनी क्षेत्र में 30 मई को संदिग्ध ड्रोन मंडराने के बाद हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इस संबंध में सेना और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की हाई लेवल मीटिंग कैंट क्षेत्र के पश्चिमी सब हेड क्वार्टर एरिया में हुई। इनमें इन ड्रोनों की जानकारी जुटाने आदि को लेकर चर्चा हुई। इधर इस घटना के बाद पुलिस, खुफिया विभाग, सर्विलांस और सोशल मीडिया सेल भी सक्रिय हो गई हैं। ड्रोन मंडराने का समाचार अमर उजाला ने एक जून को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि 30 मई की शाम सेना के अधिकारियों एवं स्थानीय पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ ड्रोन कैंट क्षेत्र के ऊपर मंडराते दिखाई दिए हैं। इसके बाद आलाधिकारियों के निर्देश पर इंटेलिजेंस यूनिट, सर्विलांस सेल एवं सोशल मीडिया सेल को सक्रिय कर दिया। सेना और पुलिस की विशेष टीमों का गठन कर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्धों की जांच की गई।
छावनी क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों की भी सघनता से जांच की गई। सुरक्षा संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन सुनिश्चित कराने के लिए सेना के वरिष्ठ अधिकारियों एवं केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई है। सेना की विशेषज्ञ इकाइयों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित इस मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस की तीन टीमें त्रिस्तरीय जांच में जुटीं
सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने बताया कि सदर, लालकुर्ती और रेलवे रोड थाना पुलिस की टीम ड्रोन प्रकरण की जांच में जुटी हैं। इनमें एक टीम सेना से समन्वय कर छावनी क्षेत्र में ड्रोन मंडराने की जांच कर रही है। दूसरी टीम क्षेत्र ड्रोन रखने वाले लोगों को तलाश कर उनसे पूछताछ कर रही है।
इनमें शादी विवाह में ड्रोन इस्तेमाल करने वाले लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा किसी संस्थान में शोध आदि के लिए ड्रोन इस्तेमाल करने वालों से भी जानकारी ली जा रही है। तीसरी टीम छावनी क्षेत्र के आने-जाने वाले रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर पड़ताल कर रही है।
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