सोमवार को मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय, सचिव चंद्रपाल तिवारी और नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण के समक्ष मजबूती से प्रजेंटेशन दिया। अपर मुख्य सचिव ने योजना की आवश्यकता, लोगों की जरूरत और निवेश को लेकर कई सवाल किए, जिसका विभिन्न पहलुओं के साथ टीम ने जवाब दिया।
मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि जमीन अधिग्रहण पर करीब दो हजार करोड़ रुपये का खर्चा आएगा, ऐसे में एक हजार करोड़ की मांग की गई थी। उन्होंने बताया कि परतापुर मोहिउद्दीनपुर के बीच 300 हेक्टेयर में (भूड़बराल, परतापुर, छज्जूपुर-इकला) में दो फेज में न्यू टाउनशिप विकसित होगी, जो न्यू मेरठ होगा। इसके लिए अपर मुख्य सचिव की ओर से 503 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है।
शहर के विकास को लगेंगे पंख, होगा निवेश
मेडा की 17 अगस्त को हुई बोर्ड बैठक में टीओडी नीति के तहत महायोजना-2031 को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके तहत दो हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई हैं। मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि टीओडी के तहत रैपिड के आसपास लोगों की आवाजाही, रिहाइश जरूरी है। वैल्यू कैप्चर कॉस्ट (वीसीसी) के लिए जरूरी है कि रैपिड के आसपास व्यवसायिक गतिविधियां हों। रिहाईश, व्यवसायिक गतिविधियां होने से ही रैपिड को यात्री मिलेंगे। न्यू टाउनशिप से शहर के विकास को पंख लगेंगे।
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