मेरठ में सर्वाधिक बिजली चोरी और लाइन लॉस वाले बिजलीघर क्षेत्रों में चलाया जा रहा क्लीनिंग-अप अभियान सुस्ती की भेंट चढ़ने लगा है। अभी तक चले अभियान में शासन का दिया लक्ष्य परवान चढ़ता नजर नहीं आ रहा है। लक्ष्य अनुरूप रिपोर्ट नहीं आने पर प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल चेयरमैन आलोक कुमार ने नाराजगी जताई है। वहीं, पीवीवीएनएल एमडी आशुतोष निरंजन ने भी अभियान में लगी टीमों को चेताते हुए कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने लक्ष्य पूरा नहीं होने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के भी संकेत दिए हैं।
केंद्र सरकार की ‘उदय’ योजना में जो बिजली कंपनियां शामिल हुई हैं, उन्हें तमाम बिजलीघरों पर होने वाली बिजली चोरी और लाइन लॉस रोककर 15 फीसदी लाइन लॉस लक्ष्य तक लाना है। जो कंपनी इसमें फेल होगी तो योजना की अंतर्गत दी रही मदद बंद कर दी जाएगी। ये इस योजना की पहली शर्त है। पीवीवीएनएल भी इस योजना में शामिल है। कंपनी के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों के सैकड़ों फीडर ऐसे है जिन पर बिजली चोरी और लाइन लॉस का ग्राफ 40 से 60 फीसदी तक पहुंच रहा है। इसे कम करने के लिए यूपीपीसीएल चेयरमैन आलोक कुमार ने सर्वाधिक बिजली चोरी और लाइन लॉस वाले बिजलीघरों पर क्लीनिंग-अप अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।