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यूपी: कांवड़ यात्रा के बाद शिवालयों के बाहर जमा हुआ कूड़ा, शहर भर में फैला 2400 मीट्रिक टन कचरा

Thu, 01 Aug 2019 11:31 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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कचरा - फोटो : अमर उजाला
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कांवड़ यात्रा खत्म होने के बाद भी कांवड़ मार्गों और शिवालयों के बाहर जमा कूड़ा अभी तक नहीं उठ पाया है। निगम भले ही कुछ भी दावे करे। लेकिन शहर में इस समय 2400 मीट्रिक टन कूड़ा जमा है। जो तभी साफ होगा, जब निगम मशीनरी लगातार दो दिन दोगुनी ताकत से सफाई अभियान चलाएगी। बुधवार को अमर उजाला ने जायजा लिया तो शहर में कूड़े के ढेर मिले। अधिकारियों ने गैर जिम्मेदाराना बयान देकर कार्यप्रणाली का परिचय दे दिया। 
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रोजाना 800 मीट्रिक टन कूड़ा
निगम रिकॉर्ड के मुताबिक शहर से रोजाना करीब 800 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। कांवड़ यात्रा के अंतिम पांच दिनों में दिल्ली रोड, रुड़की रोड, बाईपास, हापुड़ रोड से कांवड़िये गुजरे। इन मार्गों पर निगम ने अतिरिक्त सफाई कर्मचारी लगाए, लेकिन सफाई नहीं हुई। 

150 से अधिक स्थानों पर लगे थे शिविर 
जिला प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक निगम क्षेत्र में 150 से अधिक स्थानों पर लगे कांवड़ शिविरों में प्लास्टिक और कागज के गिलास और प्लास्टिक, कागज व थर्मोकोल की प्लेट इस्तेमाल की गई थी। शिविर समाप्त होने के बाद निगम ने कुछ स्थानों से कूड़ा उठाया। लेकिन सभी स्थानों से नहीं। जिसके कारण अभी भी सड़कों पर प्लास्टिक के गिलास व पत्तल आदि के ढेर दिखे।
 
कूड़े से गुजरकर पहुंचे मंदिर 
शिव मंदिरों में जाने वाले भक्तों को कूड़े के ढेर से गुजरना पड़ा। बाबा औघड़नाथ मंदिर के बाहर भी गंदगी पसरी रही। दिल्ली रोड स्थित श्री नागेश्वर नाथ महादेव मंदिर के बाहर कांवड़ यात्रा के दौरान इकट्ठा हुआ कूड़ा पड़ रहा। बाबा मनोहरनाथ मंदिर, शिवचौक आदि स्थानों से भी कूड़ा नहीं उठाया गया। वहीं सफाई न होने पर जनता को गंदगी से होकर गुजरना पड़ा।  

न प्लानिंग न मानीटरिंग 
प्रधानमंत्री भले ही स्वच्छ देश का सपना देख रहे हों। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन को लेकर गंभीर नहीं। कांवड़ यात्रा के दौरान और बाद में शहर में जमा कूड़ा उठाने के लिए निगम ने न तो कोई ठोस प्लान बनाया और न ही सफाई व्यवस्था की मानीटरिंग की। निगम अधिकारियों को नहीं पता कि शहर के किस मार्ग और शिवालय के पास कूड़ा जमा है। 

डीएम भी जता चुके नाराजगी
निगम अधिकारी भले ही गंभीर न हों। लेकिन डीएम ने शहर में गंदगी के ढेर होना स्वीकार किया है। मंगलवार को डीएम ने गंदगी को लेकर निगम अधिकारियों के सामने नाराजगी भी जतायी थी। लेकिन उसका भी कोई असर बुधवार को निगम अधिकारियों पर नहीं दिखा। 

यूनिफार्म भी हो गई गायब
शहर से गंदगी के बजाय सफाई कर्मियों की यूनिफार्म गायब हो गयी है। हाल ही में निगम अधिकारियों ने सफाई कर्मियों को दस्ताने, जूते, मास्क, जैकेट, बरसाती का वितरण कराया था। कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्य मार्गों पर तो कुछ सफाई कर्मी वर्दी में दिखे। गलियों में कर्मी न तो यूनिफार्म में दिख रहे हैं और न सामान दिख रहा है। 

78 किमी का क्षेत्र साफ करेंगे 100 कर्मी
कांवड़ यात्रा के चलते हाईवे पर लगाए गए शिविरों से फैली गंदगी को साफ करने में टोल प्लाजा प्रबंधन को करीब आठ दिन लगेंगे। 78 किमी तक हाईवे को साफ करने के लिए वेस्टर्न यूपी टोलवे कंपनी ने आठ टीमों में 100 से ज्यादा कर्मचारी लगाए हैं। वेस्टर्न यूपी टोलवे कंपनी के मेंटेनेंस मैनेजर बृजेश सिंह के अनुसार कंपनी का क्षेत्र परतापुर बाईपास से लेकर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा तक आता है, जिसकी दूरी 78 किमी की है।  
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अस्थायी सफाई     कर्मचारी     2400
स्थायी सफाई         कर्मचारी     900
डोर-टू-डोर कूड़ा          उठाने वाली गाड़ी    120
सड़कों से कूड़ा उठाने   वाली छोटी गाड़ी     26
जेसीबी      08
सड़कों से कूड़ा                उठाने वाले ठेले    1800

सफाई में थोड़ा समय लगेगा
सफाई चल रही है। हो जाएगी। इतने कांवड़ियां शहर से गुजरे हैं तो गंदगी तो होगी ही। शहर की सफाई होने में थोड़ा समय लगेगा। शिवरात्रि पर छुट्टी होने के कारण भी शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। -डॉ. गजेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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