वर्तमान में नए आयुर्वेद के अस्पतालों का निर्माण रायपुर, महंगी, डिगौली, छुटमलपुर और कालूवाला पहाड़ीपुर में चल रहा है। लगभग 80 फीसदी तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। बाकी 20 फीसदी काम को अगले छह महीने में पूरा हो जाएगा। हर अस्पताल में चार-चार बेड होंगे। एक अस्पताल पर 21 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
दो अस्पतालों के लिए जमीन चिन्हित
जो आयुर्वेद अस्पताल अभी स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित हो रहे हैं, उनके लिए भी जमीन की तलाश चल रही है। बड़गांव के जडौदा पांडा और नकुड़ के धौराला में जमीन फाइनल कर ली है। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन में भेज भी दिया है। जबकि खेड़ा मुगल, चंदेला कोली, भूरीबांस, नथौड़ी, अंबेहटा पीर और शहर में चंद्रनगर के लिए जमीन देखी जा रही है।
जिलेवासियों को जल्द ही पांच नए आयुर्वेद के अस्पतालों की सौगात मिल जाएगी। इन अस्पतालों के लिए भवन बनकर लगभग हो गए हैं। चार बेड का एक अस्पताल होगा, जिस पर 21 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनके अलावा जो आयुर्वेद अस्पताल स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहे हैं, उनके लिए जमीन चिन्हित की जा रही है। -डॉ. रामकृपाल, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी