सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह का दावा है कि दोनों बदमाशों के तीन साथी भी इस खंडहरनुमा घर में आने थे। उसके बाद यह बदमाश हाइवे पर लूट की वारदात करने जाते। मुखबिर की सटीक सूचना पर एसटीएफ ने इनामी दोनों बदमाशों को घेर लिया। मुठभेड़ में दोनों कुख्यात मारे गए। कुख्यात धीरज के साथ नरसी कई महीने से हाइवे पर वारदात कर रहा था।
एक महीने से लगे थे पीछे
दुल्हन हत्याकांड में तीन आरोपियों को एसटीएफ जेल भेज चुकी थी। गिरोह का सरगना हिमांशु उर्फ नरसी था। जिसकी तलाश में एसटीएफ एक महीने से लगी थी। एसटीएफ का दावा है कि नरसी की तलाश में रोजाना एक टीम गाजियाबाद जाती थी। नरसी बहुत शातिर था, उसके ठिकाने तक एसटीएफ नहीं पहुंच रही थी। मोदीनगर को छोड़कर उसने मेरठ में ठिकाना बनाया था।
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