Saharanpur News: शामली के गांव जसाला में कश्यप समाज के युवक की मौत के मामले में कैराना सांसद इकरा हसन मंगलवार को डीआईजी से मिली थीं। यहां से इकरा हसन और कार्यकर्ताओं को हिरासत में थाने ले जाया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया गया।
डीआईजी कार्यालय के बाहर सड़क जाम करने के आरोप में कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस प्रकरण की FIR सामने आई है, जिसमें सात नामजदों में सांसद इकरा हसन के साथ-साथ 20 से 25 अज्ञात लोग भी शामिल हैं।
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यह घटना 19 मई को तब हुई, जब कैराना सांसद इकरा हसन शामली जिले के जसाला गांव में हुई मोनू कश्यप की हत्या के संबंध में डीआईजी से मिलने पहुंची थीं। सांसद के साथ मृतक मोनू की मां भी थीं। सांसद ने डीआईजी द्वारा संतोषजनक जवाब न देने का आरोप लगाया था। इसी दौरान इकरा हसन के समर्थक कार्यालय के बाहर एकत्रित थे, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
पुलिस ने सांसद को हिरासत में लिया और महिला थाने ले आई, जहां से उन्हें कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। हालांकि, उनके कुछ समर्थकों को शांतिभंग की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
इस घटना के बाद सांसद इकरा हसन ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली सदर बाजार में धरना प्रदर्शन किया था। अब इस मामले की FIR सार्वजनिक हुई है, जिसमें उप निरीक्षक संजय कुमार शर्मा की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। FIR में जिन सात लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें कैराना सांसद इकरा हसन के अलावा पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल शामिल हैं। इनके अतिरिक्त, 20 से 25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है, और एफआईआर के सामने आने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
ये है मामला...
21 अप्रैल को शामल के गांव जसाला निवासी मोनू कश्यप का शव पंजोखरा स्थित रेलवे लाइन के पास मिला था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। आरोप है कि उन्होंने प्रेमिका से बात न कराने से नाराज होकर पार्टी करने के बहाने बुलाकर शराब पिलाने के बाद मोनू को ट्रेन के आगे धक्का दे दिया था। मंगलवार को कैराना सांसद इकरा हसन मृतक की मां को लेकर डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने पहुंचीं। महिला ने अपने बेटे की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
सांसद इकरा हसन का आरोप है कि डीआईजी ने बात सुनी, लेकिन उसके बाद कुछ ऐसा कहा कि पीड़िता रोते हुए उनके कार्यालय से बाहर निकल गई। इस पर उन्होंने डीआईजी के समक्ष नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद सांसद डीआईजी कार्यालय के बाहर पार्किंग एरिया में आ गईं। उनका आरोप है कि यातायात व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया और महिला थाने ले गई। उन्हें करीब 10 मिनट तक महिला थाने में बैठाकर रखा गया। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही छोड़ दिया।