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UP: विकास भवन में लंगूर का उत्पात, सरकारी कर्मचारी सहित 6 लोगों किया जख्मी

Wed, 11 Apr 2018 08:05 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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लंगूर ने महिला सहित कई लोगों को घायल किया - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बागपत में गुस्साए लंगूर ने विकास भवन परिसर में राहगीरों और सरकारी कर्मचारियों पर हमला बोला। करीब ढाई घंटे तक यहां लंगूर का खौफ देखने को मिला। हमले में महिला समेत छह लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।  

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बुधवार को विकास भवन के गेट के पास एक व्यक्ति पेड़ से लंगूर को बांधकर कहीं चला गया। लंगूर के गले में बंधी रस्सी काफी लंबी थी। लंगूर कुछ देर तो शांत बैठा रहा, लेकिन बाद में उसने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। विकास भवन पहुंचे और मुख्य मार्ग से गुजरने वाले लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। विकास भवन में तैनात सफाई कर्मचारी दिव्यांग विकास को काटकर गंभीर घायल कर दिया। इसके बाद लंगूर ने महिला हेल्प लाइन 181 गाड़ी के चालक धर्मेंद्र कुमार पर हमला किया। उन्हें भी काट लिया। वहां से गुजर रही बागपत निवासी श्यामो देवी के सिर पर बैठ गया और उनके सिर के बाल नोंच दिए। इनके अलावा लंगूर ने कई राहगीरों पर भी हमला बोला। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। लंगूर कभी सड़क पर बैठ जाता तो कभी विकास भवन की दीवार पर चढ़ जाता। करीब ढाई घंटे तक लंगूर मार्ग पर कब्जा जमाए बैठा रहा। इससे लोगों में लंगूर का खौफ देखने को मिला। विकास भवन के गेट पर राहगीरों और कर्मचारियों की भीड़ लगी रही। जब भी कोई मार्ग से पैदल गुजरता तो वहां मौजूद लोग शोर मचाकर उसे पहले ही चौकन्ना कर देते थे। इसकी सूचना वन विभाग को दी, लेकिन सूचना देने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस पर लोगों ने रोष जताया।

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कहां से आया था, कहां गया लंगूर 

चोट दिखाता घायल व्यक्ति - फोटो : अमर उजाला
लंगूर के हमले में सरकारी कर्मचारी और राहगीर घायल हुए हैं, लेकिन सरकारी सिस्टम की नींद नहीं टूटी। न वन विभाग की टीम पहुंची और न ही किसी ने यह जानने का प्रयास किया कि आखिर लंगूर कहां से आया। लंगूर शांत हुआ तो करीब ढाई घंटे बाद एक व्यक्ति आया और उसे चुपचाप अपने साथ लेकर चला गया। इस संबंध में जिला वन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं मिली है। 
 
लंगूर को रखना कानूनी अपराध 
लंगूर को बांध कर रखना कानूनी अपराध है, लेकिन इसके बाद भी कई स्थानों पर लंगूर को बांधकर रखा जा रहा है। जिला वन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि लंगूर को बांध कर नहीं रख सकते हैं। यह वन जीव पर अत्याचार की श्रेणी में आता है। इसे बांधकर रखने वाले पर शिकार की धाराएं लगती हैं।

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