यूपी के मेरठ में दबंगों द्वारा छेड़छाड़ के दौरान घर में घुसकर सरधना की छात्रा को जलाकर मौत के घाट उतराने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि महानगर में नाबालिग बेटी की इज्जत को लेकर चिंतित पिता दयाराम ने मंगलवार की रात जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
जानें पूरा मामला :-
समझौते के लिए दबाव बना रहे थे आरोपी
किशोरी छात्रा है और उसका अपहरण किया गया था। उसकी बरामदगी के बाद आरोपी उसके पिता को समझौते का दबाव बनाने के लिए टॉर्चर कर रहे थे। उसे घर से खींचकर ले गए और छात्रा को बदनाम करने की धमकी दी थी। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी को जेल भेजा जा चुका है।
दंपति और बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। एसओ मेडिकल थाना सतीश कुमार ने बताया कि जागृति विहार की यह छात्रा शास्त्रीनगर स्थित एक इंस्टीट्यूट में कोचिंग करने जाती थी। 27 अगस्त की शाम को रास्ते से उसका अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए 30 अगस्त को आरोपी प्रिंस को गिरफ्तार कर छात्रा को बरामद कर लिया था।
घर में घुसकर किया टॉर्चर
छात्रा के बयान के आधार पर जागृति विहार के रामगोपाल यादव, उसकी पत्नी नीलम और एक बेटे निगम उर्फ प्रवीण को भी पुलिस ने आरोपी बनाया था। इसके बाद आरोपियों ने दयाराम को घर में घुसकर जाति सूचक शब्द कहे और समझौता न करने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि सोमवार को आरोपी फिर से दयाराम के घर पहुंचे और उसे भी अपहरण की धमकी दी।
मंगलवार रात आठ बजे आरोपी फिर से पहुंचे और रास्ते में समझौता न करने पर उसकी बेटी को बदनाम करने की धमकी दी तो उसने किसी तरह भागकर जान बचाई। तंग आकर उसने रात में ही घर पहुंचकर जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन आनन फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
जहर खाकर पिता ने दी जान
एसओ मेडिकल थाना ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। छात्रा की मां ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने दंपति और उनके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एसओ ने माना कि रामगोपाल पक्ष और उसके परिजन फैसले का दबाव बनाने के लिए छात्रा को बदनाम करने की धमकी दे रहे थे। जिसके चलते लड़की के पिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों पक्षों ने पूर्व में भी एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।