यूपी चुनाव 2027 भाजपा रणनीति: अखिलेश के पीडीए की काट भाजपा का ''तब बनाम अब'' फॉर्मूला करेगा। लोगों को सपा सरकार के पांच साल और भाजपा के दस वर्ष के शासन का फर्क याद दिलाया जा रहा है। मेरठ में मंच से नितिन नवीन, योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को यह याद दिलाया।
यूपी मिशन 2027 को फतह करने के लिए सपा और भाजपा ने सियासी दांवपेंच तेज कर दिए हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव जहां पीडीए पर फोकस कर रहे हैं तो भाजपा ने पीडीए की काट के लिए ''तब बनाम अब'' फॉर्मूला अपनाया है।
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भाजपा संगठन और सरकार दोनों सपा सरकार के पांच वर्ष बनाम भाजपा सरकार के 10 वर्ष के शासन के फर्क को याद दिला रही है। सपा ने युवाओं और बेरोजगारी को मुद्दा बनाया है तो भाजपा ने सपा सरकार के गुंडा-माफियाराज को मुद्दा बनाया हुआ है।
सोमवार को मेरठ में भी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मंच से सपा की तत्कालीन सरकार को माफिया से चलने वाली करार दिया।
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तब बनाम अब के फॉर्मूले पर धुआंधार अमल
भाजपा ने अपने तब बनाम अब के फॉर्मूले को धुआंधार ढंग से अपनाया है। यूपी में भाजपा की ओर से अखिलेश सरकार के कार्यकाल में हुए दंगों, माफियाराज, आपराधिक घटनाओं, मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, आजम खान के वर्चस्व, कांवड़ यात्रा पर सख्ती को मुद्दा बनाकर जनता को सावधान किया जा रहा है।
इसके साथ ही 2017 के बाद बनी भाजपा सरकार में सुधरी कानून व्यवस्था, अपराधियों पर शिकंजा, प्रदेश में बने एक्सप्रेसवे, रैपिड व मेट्रो रेल, औद्योगिक इकाइयां लगाने, मेडिकल कॉलेज खोलने को उपलब्धियों के रूप में गिनाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं को भी सपा-भाजपा सरकार के कामकाज के बीच के फर्क को जनता को समझाने का जिम्मा सौंपा गया है।
हर भाषण में 2017 से पहले यूपी की स्थिति पर फोकस
भाजपा के प्रत्येक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में 2017 से पहले की स्थिति पर फोकस किया जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों की ओर से सपा पर प्रहार किए जा रहे हैं।
जातीय भेदभाव को दूर करने पर भी जोर
सपा की ओर से जिस प्रकार से पीडीए (पिछड़ा, दलित व अल्पसंख्यक) पर फोकस किया जा रहा है, उससे भाजपा की पेशानी पर बल पड़े हुए हैं। सपा नेता खासकर पश्चिम उत्तर प्रदेश में गुर्जर व जाट समाज को अपने पाले में लाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं, उससे भाजपा पूरी तरह से असहज है।
यही कारण है कि सोमवार को मेरठ में हुए शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर जातीय भेदभाव बढ़ाने और महापुरुषों को भी जातियों में बांटने का आरोप लगाते हुए उससे सावधान रहने की अपील की।
नितिन से लेकर योगी और पंकज चौधरी तक का सपा पर वार
युवा संवाद और शक्ति केंद्र सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा की तत्कालीन सरकार पर हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम के नाम से सपा नेता इतनी नफरत करते हैं, जितनी बाबर करता था।
सपा पर अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। उन्होंने सपा की सरकार बनने से रोकने का आह्वान किया। नितिन नवीन ने भी बिना नाम लिए सरकारी संपत्तियों से टोंटी चुराने की भी बात कह दी। पंकज चौधरी ने भी युवाओं और शक्ति केंद्र संयोजकों को सपा की सरकार बनने के प्रति सावधान किया।