सहारनपुर में रविवार को सीओ और एसओ बेहट ने गांव इब्राहिमपुर पहुंचकर दबंगों के खौफ और पुलिस के व्यवहार से आहत होकर करौंदी गांव से पलायन करने वाले पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए वापस चलने का अनुरोध किया। परंतु पीड़ित परिवार ने साफ कहा कि अब उन्हें पुलिस पर कतई भरोसा नहीं है। दो घंटे की जद्दोजहद के बाद सीओ और एसओ को बैरंग ही लौटना पड़ा।
गौरतलब है कि 6 जनवरी को परिवार की लड़की से छेड़छाड़ करने का विरोध करने पर करौंदी गांव निवासी अनुज पुत्र जनेश्वर प्रसाद को गांव के ही कुछ युवकों ने सरियों से हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया था। इस मामले में अजीत, गौरव, सचिन, विजय पुत्रगण सतपाल सिंह, ज्वाला पुत्र गुलाब सिंह निवासी करौंदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने सचिन, विजय, ज्वाला और एक अन्य राजन पुत्र चमन सिंह निवासी बेहड़ा संदल सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी जमानत पर बाहर है।
पीड़ित परिवार का आरोप है, कि आरोपी उन पर फैसले का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने एसओ से लेकर एसएसपी तक को शिकायत की, लेकिन पुलिस ने उनकी मद्द करने के बजाय उल्टे उन्हें ही फटकार लगाई। पिछले दिनों सहारनपुर आए डिप्टी सीएम को भी पीड़ित परिवार ने प्रार्थना देकर दबंगों द्वारा दी जा रही धमकी और पुलिस के व्यवहार की शिकायत की थी। अब खौफ के चलते शनिवार को जनेश्वर प्रसाद का परिवार छुटमलपुर के गांव इब्राहिमपुर चला गया था। समाचार पत्रों में ये समाचार छपने के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया और सीओ एवं एसओ बेहट रविवार को इब्राहिमपुर गांव पीड़ित परिवार को वापस लाने के लिए पहुंचे थे।
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