उन्होंने कहा कि देखने में सामने आता है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर व्यस्त हैं, यह गलत है। सोशल मीडिया का इतना इस्तेमाल करें जो पुलिसिंग को बेहतर और मजबूत बनाएं। प्रमुख सचिव ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार में पुलिस में सबसे ज्यादा प्रमोशन हुए हैं।
एक साल में एक लाख सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश को अगले माह जनवरी में 42 हजार सिपाही भी मिल जाएंगे। स्टाफ अधिक होने से पुलिस का तनाव कम होता है। उन्होंने कहा कि दरोगा और इंस्पेक्टर के सरकार ने बहुत प्रमोशन किए हैं। प्रदेश में अपराध का ग्राफ गिरा है। कई अपराधी जेलों में पहुंचाए गए हैं।
प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार जब प्रशिक्षु आरक्षियों से सीधी बात कर रहे थे तो वह बार-बार यही पूछे रहे थे कि आपको बाहर से पुलिस कैसी लगती है और अब आप पुलिस में ट्रेनिंग कर रहे हैं तो कैसी लग रही है। इस पर गौतमबुद्धनगर की एक महिला प्रशिक्षु ने पूछ लिया कि सर! हम नोएडा जैसे शहर में जाते हैं तो वहां पुलिस का रिस्पांस अच्छा है।
सड़क पर पुलिस दिखती है। लेकिन जब हाथरस में जाते हैं तो दूर तक पुलिस नहीं दिखाई देती। सूचना के बाद भी पास से निकल जाती है, रुकती नहीं। इस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि विभाग में बड़े बदलाव की जरूरत है। गांव और शहर की पुलिस में अभी अंतर है, इसी अंतर को हमें खत्म करना है। प्रमुख सचिव ने कहा कि यूपी 100 का रिस्पांस टाइम पहले 22 मिनट का था, लेकिन इसमें सुधार करके 12 मिनट तक आ चुका है। नई बैरक भी बनाई जा रहीं हैं।
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