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बिजनौर की हालत देख चढ़ा कैबिनेट मंत्री का पारा- कहा, ठीक से काम करिए वरना भेज देंगे घर

Thu, 27 Jun 2019 04:04 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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अधिकारियों को फटकार लगाते कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना - फोटो : अमर उजाला
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संसदीय कार्य, नगर विकास, शहरी समग्र विकास और नगरीय रोजगारी एवं गरीबी उन्मूलन विभाग के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बिजनौर शहर की टूटी और धूल भरी सड़कों का करीब 70 मिनट तक निरीक्षण किया। मोहल्ला चाहशीरी में सड़क का बुरा हाल और तालाब की जमीन पर मलबा पड़ा देखकर मंत्री ने ईओ को फटकार लगाई। एक अरब से ज्यादा लागत से बने ट्रीटमेंट प्लांट से अब तक एक नाला ही जोड़े जाने पर मंत्री का पारा चढ़ गया। जल निगम के एक्सईएन से कहा कि समय से पहले रिटायर होकर घर जाना चाहते हो या फिर काम करना चाहते हो। एक्सईएन से रिटायरमेंट के टाइम के बारे में भी पूछा। कहा कि यह कोई तरीका नहीं है हर काम को लटकाने का। सही से मन लगाकर काम करिए वरना घर भेज दिया जाएगा।

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नगर एवं शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने पीडब्लूडी के डाक बंगले से निरीक्षण की शुरुआत की। वे अफसरों के काफिले के साथ सबसे पहले चाहशीरी पहुंचे। वहां सरकारी तालाब में मकानों का कंक्रीट और कूड़ा पड़ा था और सड़क में गड्ढे ही गड्ढे थे। दोनों की हालत के बारे में पूछा तो ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि आचार संहिता लगी होने के कारण सड़क निर्माण और तालाब के सुंदरीकरण का टेंडर नहीं हो पाया था। अब टेंडर कराया जा रहा है। इस पर मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि नगर पालिका के पास सड़क और अन्य कार्यों का 67 करोड़ रुपया पड़ा है। यह पैसा बैंक में रखने के लिए नहीं आया है। जब पैसा पड़ा है तो सड़कों की हालत खराब क्यों है। क्या पैसे को मार्च में बिना काम किए वापस करना है। उन्होंने ईओ की जमकर क्लास ली। सड़कों की हालत जल्दी ठीक कराने व तालाब में वाटर रिचार्ज हार्वेस्टिंग प्लांट, दुकान बनाने और पौधारोपण कराने के निर्देश दिए। 

इसके बाद मंत्री त्रिमूर्ति चौक पहुंचे। वहां की सड़क भी खराब थी। मंत्री के सामने ही चौक के चारों ओर अतिक्रमण मिला। उन्होंने सड़क पर खुद कुछ दूर चलकर देखा। फिर से ईओ को सुधार के निर्देश दिए।

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अगली 26 तक पूरा हो जाना चाहिए काम
इसके बाद मंत्री काफिले के साथ सीवर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचे। वहां सड़क पर इतनी धूल थी कि मंत्री को भी अंदर जाने से पहले कुछ देर रुकना पड़ा। जल निगम की निर्माण इकाई के एक्सईएन एवी जैन से उन्होंने ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यक्षमता के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि शहर के छह में से एक नाले को प्लांट से जोड़ा गया है। मंत्री ने बाकी नालों को न जोड़े जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि जल्दी जोड़ देंगे। इसके लिए बजट मांगा गया है। मंत्री ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के सामने सड़क टूटी होने व धूल होने पर एक्सईएन को खूब फटकार लगाई। कहा कि एंट्री गेट पर ही यह हाल है। क्या वे चाहते हैं कि कोई यहां आए ही नहीं। सड़क को ठीक क्यों नहीं कराया गया। एक्सईएन एवी जैन ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट का एंट्री गेट दूसरा है। सड़क को सही करने का काम जल्दी ही हो जाएगा। इस पर मंत्री नाराज हो गए और कहा कि यह तरीका नहीं होता है हर काम को लटकाने का। उन्होंने दो बार एक्सईएन से पूछा कि उनके रिटायर होने में कितना समय है। एक्सईएन ने बताया कि डेढ़ साल बाकी है। इस पर मंत्री ने पूछा कि काम करना चाहते हो या फिर घर जाना चाहते हो। एक्सईएन ने कहा कि काम करना चाहते हैं। मंत्री ने कहा कि अगर काम नहीं करोगे तो घर भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज 26 तारीख है। अगली 26 तारीख तक उनके कार्यालय पर मेल आ जानी चाहिए कि काम पूरा हो गया है। अगर काम पूरा न हुआ तो उन्हें घर भेज दिया जाएगा। 

काम नहीं करते तो एडीएम से भी ले लो चार्ज
एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ को भी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का सप्ताह में दो बार निरीक्षण करने को कहा। डीएम सुजीत कुमार से कहा कि अगर एडीएम भी काम नहीं करते हैं तो उनसे चार्ज ले लिया जाए। डीएम से शहर की आबादी की जानकारी ली। डीएम ने मंत्री से सीमा विस्तार के प्रस्ताव के बारे में बताया। इसके बाद मंत्री विकास भवन पहुंचे और नगर पालिका, डूडा, पीडब्लूडी आदि विभागों की योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह, पूर्व सांसद डॉ. यशवंत सिंह, जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, डीएम सुजीत कुमार, एसपी संजीव त्यागी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी, दीपक गर्ग मोनू, एसडीएम बृजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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14 लाख की वजह से घरों में भरता है पानी
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान एक्सईएन एवी जैन ने मंत्री को बताया कि नालों को जोड़ने के लिए 14 लाख का बजट मांगा गया है। पहले नालों का पानी तालाबों में भेजने के निर्देश थे। इस पर पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने कहा कि 14 लाख रुपए की वजह से घरों में पानी भर रहा है। बरसात भी शुरू होने को है। अब तक कुछ भी नहीं किया गया। मंत्री जी के तेवर देखकर अफसरों के पसीने छूटे रहे। सभी अधिकारी अपनी अपनी गाड़ी से मंत्री जी के काफिले में गए थे। गाड़ियों की वजह से जाम लग गया तो ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी बाइक से ही काफिले के साथ दौड़ पड़े। कयास लगाए जा रहे थे कि मंत्री किसी एक ही मोहल्ले का निरीक्षण करेंगे, लेकिन उन्होंने ताबड़तोड़ एक घंटे से ज्यादा निरीक्षण करके अफसरों की सांसें अटका दीं।

जिस चौराहे से निकले, वहीं लगा जाम
मंत्री के निरीक्षण के दौरान उनकी गाड़ी निकलने से कई बार जाम लगा रहा। जिस चौराहे से भी मंत्री की गाड़ी निकली वहां बाद में काफी जाम लगा। मंत्री के काफिले के साथ चल रही एंबुलेंस भी काफी देर तक जाम में फंसी रही।

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