मतगणना स्थल से निकलने के बाद इमरान मसूद ने अंबाला रोड स्थित अपने निवास पर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने मतों की गणना में प्रशासन पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया। उन्होंने बताया कि 27 वें राउंड तक नोमान 3439 वोट से आगे चल रहे थे। 28 वें राउंड में भी उनकी डीएम से बात हुई और उन्होंने नोमान के 2900 वोटों से आगे होने की बात कही। मगर उसके बाद प्रशासन ने सभी प्रत्याशियों और एजेंटों को बाहर करते हुए ढाई राउंड में गड़बड़ी कर भाजपा प्रत्याशी को जिता दिया। इमरान का आरोप है कि बाद के राउंड की मशीनें खोले बिना ही भाजपा प्रत्याशी को पांच हजार से अधिक वोटों से जीत दे दी गई। उन्होंने भाजपा और प्रशासन पर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत चुनाव आयोग से की गई है। कमिश्नर को भी एक कॉपी दी गई है। उन्होंने ईवीएम में भी गड़बड़ी होने की बात कही। उन्होंने बताया कि वह काला झंडा भी लगा सकते थे, मगर भाजपा और आरएसएस के लोग उन्हें आईएसआईएस का आदमी बता सकते हैं। इसलिए केवल काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया है।
प्रत्याशियों की बात
यह मेरी नहीं, जनता की जीत है। जनता ने जो भरोसा मुझ पर जताया है मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। सबका साथ सबका विकास की सोच के साथ क्षेत्र में काम किए जाएंगे। सबको साथ लेकर चला जाएगा। मतगणना में गड़बड़ी के आरोप लगाने वाले लोग हार से बौखला गए हैं। - किरत सिंह, नवनिर्वाचित विधायक गंगोह।
मतगणना में गड़बड़ी लोकतंत्र की हत्या है। हमारे एजेंटों को पहले बंधक बनाए रखा। बाद के तीन राउंडों में एजेंटों को बाहर कर दिया गया। हम चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे। मामले को लेकर पार्टी की जो भी रणनीति होगी उसके अनुरूप काम किया जाएगा। - नोमान मसूद, कांग्रेस प्रत्याशी।
मतगणना के दौरान स्ट्रांग रूम से कई मशीनें सुतली में बंधी और सीट टूटी आईं। बीच में दो घंटे तक मतगणना को रोकना और डीएम और एसएसपी का आरओ की सीट पर जमे रहना सवाल उठाता है। फोर्स को अंदर रखा गया था और मीडिया को बाहर। इससे भी गड़बड़ी होने की आशंका बढ़ती है।
- इंद्रसैन, सपा प्रत्याशी।
जब तक मैं और मेरे एजेंट मतगणना स्थल के भीतर रहे हैं, तब तक किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं थी ना ही किसी प्रकार की अशांति नजर आई। हमारे हिसाब से मतगणना ठीक रही है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं वही जानें।
- इरशाद, बसपा प्रत्याशी।
मतगणना में गड़बड़ी करने के आरोप लगाना मेरी समझ से परे है। एक-एक मशीन सील्ड थी, जो एजेंटों के सामने खोली गई हैं। प्रत्येक राउंड तक पूरी पारदर्शिता के साथ मतगणना की गई है।
- आलोक कुमार पांडेय, जिला निर्वाचन अधिकारी, डीएम।
सभी प्रत्याशी और उनके एजेंट भीतर ही रहे हैं, जिनके सामने पूरी मतगणना निपटी है। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका किसी को थी तो वह आरओ से शिकायत कर सकते थे। हमारा काम सुरक्षा व्यवस्था बनाना था, जो दुरुस्त रही है। किसी को बंधक नहीं बनाया गया। सारे आरोप निराधार है।
- दिनेश कुमार, एसएसपी।
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