यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल पर नकेल कसे जाने का असर पहले परीक्षा के दौरान दिखा और बाद में मूल्यांकन में। अब रिजल्ट आने से पहले विद्यार्थी नियमों की जानकारी में उलझे हैं कि कितने विषयों में फेल होने या कम अंक आने पर भी उन्हें पास माना जाएगा। ऐसे विद्यार्थी यूपी बोर्ड कार्यालय और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पहुंचकर जानकारी ले रहे हैं।
हाईस्कूल में छह विषय हैं। यूपी बोर्ड के नियमों के मुताबिक अगर कोई परीक्षार्थी पांच विषयों में पास और किसी एक विषय में फेल होता है या फिर एक विषय के पेपर में अनुपस्थित रहता है तो भी वह पास माना जाएगा। अगर वह चाहे तो एक विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा दे सकता है।
कंपार्टमेंट परीक्षा जुलाई में कराई जाती है। दूसरी तरफ, अगर विद्यार्थी हाईस्कूल के दो विषयों में फेल हो जाता है तो उसे एक विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा देने का अवसर मिलेगा, जिसमें उत्तीर्ण होने के बाद उसे पास की मार्कशीट मिल जाएगी, भले ही वह दूसरे विषय में फेल ही हो।
वहीं, इंटरमीडिएट में परीक्षार्थी को 8 ग्रेस अंक मिलेंगे, हालांकि अगर परीक्षार्थी ग्रेस अंक केसाथ भी फेल होने की स्थिति में हो तो उसे फेल ही माना जाएगा। इंटरमीडिएट में कंपार्टमेंट परीक्षा देने की व्यवस्था नहीं है। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा में पास होने के नियमों में बदलाव की जानकारी कई विद्यार्थियों को नहीं है।
बोर्ड ने हाईस्कूल में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक निर्धारित किए हैं। सभी विषयों में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम प्रतिशत लाना अनिवार्य है। उम्मीद है अप्रैल के आखिरी सप्ताह में रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। इस बार 80 हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों का रिजल्ट आएगा।