17 जिलों के 10 लाख से ज्यादा का आएगा रिजल्ट
यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 17 जिलों में 5 लाख 89 हजार 371 परीक्षार्थी हाईस्कूल में और 4 लाख 85 हजार 569 परीक्षार्थी इंटरमीडिएट में पंजीकृत हैं। एक लाख 16 हजार 72 परीक्षार्थियों ने हिंदी की परीक्षा छोड़ी थी।
2018 में अच्छा रहा था मेरठ के छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन
वर्ष 2018 में यूपी बोर्ड हाईस्कूल में मेरठ का प्रदेश में 8वां स्थान था, जबकि इंटरमीडिएट में 19वां, वर्ष 2017 में हाईस्कूल में 34वें और इंटरमीडिएट में 38वें स्थान पर था। वहीं, वर्ष 2016 में हाईस्कूल में 37वें और यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट में 50वें स्थान पर था ।
अभिभावकों के लिए मनोचिकित्सक के टिप्स
- विद्यार्थियों को समझाएं की घबराने की जरूरत नहीं है।
- विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाना चाहिए।
- परिणाम के बाद तर्क वितर्क के बजाय प्रोत्साहित करें।
- प्रतिशत के लिए न डाटें।
- फेल होने पर बच्चों को विश्वास में लें, उन्हें समझाएं।
- बच्चों के व्यवहार में हो रहे बदलावों पर नजर रखें।
एनआईसी की वेबसाइट पर देख सकते हैं रिजल्ट
क्षेत्रीय सचिव राणा सहस्त्रांशु सुमन ने बताया कि विद्यार्थी अपना परीक्षा परिणाम एनआईसी की वेबसाइट पर देख सकेंगे। इसके लिए
यूपीएमएसपी.एनआईसी.इन पर लॉग इन कर अपने रोल नंबर के जरिए मार्कशीट देख सकेंगे।
अंक नहीं, ज्ञान तय करता है जीवन की दिशा
मनोचिकित्सक डॉ. रवि राणा का कहना है कि नॉलेज जीवन की दिशा तय करती है, न की अंक। लिहाजा विद्यार्थियों और परिजनों को जो भी रिजल्ट मिलता है, उसे स्वीकार करते हुए आगे बढ़ें।
बच्चों की तुलना नहीं करनी चाहिए
काउंसलर डॉ. पूनम देवदत्त का कहना है कि बच्चों की किसी से तुलना न करें। कई बार परिजन अपने बच्चे के कम अंक आने पर ज्यादा अंक लाने वाले बच्चे से तुलना करते हैं, जिससे वह उदास हो जाता है। हर एक बच्चा अद्भुत और विशेष होता है। लिहाजा प्रोत्साहित करें।
वर्ष रिजल्ट प्रतिशत
2018 हाईस्कूल- 86.20, इंटरमीडिएट- 83.39 प्रतिशत
2017 हाईस्कूल- 82.06, इंटरमीडिएट- 83.35 प्रतिशत
2016 हाईस्कूल- 87.50, इंटरमीडिएट- 88.45 प्रतिशत
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/