संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है। दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर उन्हें सूचना मिली, इसकी जांच के लिए उन्होंने डीआईओएस को निर्देश दिए। परीक्षा से करीब आधे घंटे पहले पेपर खोल लिया जाता है। लेकिन इस बात की जांच कराई जा रही है कि बागपत या किसी अन्य जिले के सेंटर से यह पेपर परीक्षा केंद्र से बाहर कैसे वायरल हुआ। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बागपत में इस तरह लीक हुआ पेपर
प्रश्नपत्र लीक की शिकायत करने वाले पूर्व प्रधानाचार्य सुक्रम पाल तोमर का कहना है कि उन्हें लीक पेपर व्हाट्स एप के जरिए 12 बजकर 49 मिनट पर मिला। इस पेपर को उन्होंने एक बजकर 21 मिनट पर संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेजा। प्रकरण की जांच एसटीएफ से कराई जानी चाहिए। वह हर जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं। इससे पहले भी प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, लेकिन उनकी सूचना की अनदेखी की गई।
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